कोविड काल के दौरान भी पूर्वांचल से 20,000 टन कृषि उपज का निर्यात किया गया था। अब पहली बार चंदौली, मिर्जापुर, जौनपुर सहित आसपास के जिलों से गेहूं के निर्यात की तैयारी है।
फल, सब्जी और चावल के बाद अब गेहूं के निर्यात की तैयारी है। इस सीजन में वाराणसी सहित आसपास के जिलों से एक लाख क्विंटल गेहूं के निर्यात का लक्ष्य है। बांग्लादेश सहित कई खाड़ी देशों में गेहूं भेजा जाएगा। वर्ष 2019 में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से बनारस के किसानों ने पहली बार तीन टन सब्जियां लंदन को, तीन टन आम दुबई को, 520 टन चावल कतर को निर्यात किया था।
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इसके बाद से निर्यात लगातार हो रहा है। कोविड काल के दौरान भी पूर्वांचल से 20,000 टन कृषि उपज का निर्यात किया गया था। अब पहली बार चंदौली, मिर्जापुर, जौनपुर सहित आसपास के जिलों से गेहूं के निर्यात की तैयारी है। एपीडा के महाप्रबंधक डॉ. सीबी सिंह ने बताया कि बीते तीन वर्षों में बनारस निर्यातक हब बन कर उभरा है।
अब फल सब्जियों चावल के निर्यात के बाद गेहूं के निर्यात की तैयारी है। एपीडा के महाप्रबंधक डॉ. सीबी सिंह ने बताया कि बांग्लादेश सहित खाड़ी देशों से एक लाख क्विंटल की मांग है। अगले माह से गेहूं की कटाई के बाद निर्यात की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।