- काशी में विराजे सीकर के खाटू श्याम मंदिर के स्वरूप
- दो दिवसीय श्री श्याम झूलनोत्सव का हुआ भव्य समापन
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। श्री श्याम झूलनोत्सव का रविवार को भव्य समापन हुआ। 30 राज्यों से आए मेहमानों ने श्याम प्रभु को 56 भोग लगाया। देसी विदेशी रंग-बिरंगे फूलों से सजे सिंहासन पर विराजमान श्याम प्रभु का भक्तों ने दर्शन किया। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता के कारीगरों ने काशी में राजस्थान के सीकर स्थित खाटू श्याम मंदिर के स्वरूपों को सजाया।
रविवार को महमूरगंज स्थित शुभम लाॅन में दो दिवसीय श्री श्याम झूलनोत्सव के अंतिम दिन खाटू श्याम के साथ ही अन्य मंडपों में श्री गणेश जी, दुर्गा जी, हनुमान जी, बाबा भोलेनाथ शंकर जी विराजमान हुए। भक्तों ने प्रभु के चरणों में शीश नवाया और विधि विधान से पूजन के अनुष्ठान किए। इसके पूर्व रथयात्रा स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर से निशान यात्रा निकली। अरिंदम शाखा के अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल के नेतृत्व में निशान यात्रा निकाली गई। शुभारंभ संस्था के अध्यक्ष दीपक बजाज ने भक्तों को निशान देकर यात्रा शुरू की। निशान यात्रा रथयात्रा, महमूरगंज होते हुए शुभम लॉन तक पहुंची। भक्तों ने बाबा को निशान अर्पित किया। इसके बाद पंडित संजय पुजारी ने सामूहिक सुंदर कांड का पाठ किया।
मारवाड़ी युवा मंच की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष यशा मोदी के नेतृत्व में समाज की महिलाएं नीतू, सुरुचि, स्मिता, श्वेता, अंजना, जया वासिया, मेघा, गुंजन, नैना ने सज धजकर नाचते हुए मंगल गीत गाए और मोर छड़ी महोत्सव मनाया। स्वागत संस्था के अध्यक्ष दीपक बजाज, मंत्री अजय खेमका, राजेश तुलस्यान ने स्मृति चिह्न भेंट कर किया। पहली बार अहमदाबाद से पधारे नंद किशोर शर्मा नंदू जी ने भजनों से सभी श्याम भक्तों का मन मोह लिया। प्रभु को 56 प्रकार का भोग लगाकर भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया। रात्रि में गंगा आरती की तर्ज पर प्रभु की महा आरती उतारी गई। अंत में सभी लोगों ने उत्सव की एक दूसरे को गले लगाकर बधाई दी। संयोजन विजय अग्रवाल, सुरेश तुलस्यान, संदीप शर्मा कानू, श्याम सुंदर गाड़ोदिया, बैजनाथ भालोटिया, पवन कुमार अग्रवाल, श्याम बजाज ने किया।