इसी गेस्ट हाउस का है मामला
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बगैर पंजीकृत होटल और गेस्ट हाउस के संचालन की रिपोर्ट भी एलआईयू ने पर्यटन विभाग को दी है। सालभर पूर्व एसीएम थर्ड के आदेश पर होटलों और गेस्ट हाउसों को खंगाला गया था तो 50 होटल और गेस्ट हाउस बगैर लाइसेंस के संचालित मिले थे। इसमें से 25 गेस्ट हाउस पर तालाबंदी भी पर्यटन विभाग ने की थी।
पर्यटन विभाग और पुलिस की चुप्पी से गेस्ट हाउस में अनैतिक कृत्य
वहीं, जिन होटलों और गेस्ट हाउस को लाइसेंस प्राप्त है, उनमें भी सुरक्षा मानक के इंतजाम नाकाफी है। सीसीटीवी कैमरे, आगंतुक रजिस्टर, ठहरने वालों के आईडी प्रूफ और सत्यापित कर्मचारियों के मानक का ध्यान नहीं रखा जाता है। अधिकतर होटल और गेस्ट हाउस में आग से बचाव के इंतजाम भी ध्वस्त हैं।
यह सिर्फ सिगरा क्षेत्र का ही हाल नहीं है, बल्कि रिंग रोड, लंका, भेलूपुर और सारनाथ के होटलों और गेस्ट हाउस का भी यही हाल है। पर्यटन विभाग और पुलिस की चुप्पी से कैंट रेलवे स्टेशन के सामने परेडकोठी के अधिकतर गेस्ट हाउस में अनैतिक कृत्य हो रहे हैं। यहां करीब 30 से 35 गेस्ट हाउस बगैर लाइसेंस के चल रहे हैं।
होटल और गेस्ट हाउस को खंगाला
दूसरे दिन भी सिगरा पुलिस की टीम ने गेस्ट हाउस की जांच की। परेडकोठी, विजयानगरम, इंग्लिशिया लाइन में अधिकतर गेस्ट हाउस संचालक ने फिलहाल कमरे की बुकिंग बंद कर दी है। सिगरा पुलिस की ओर से सभी गेस्ट हाउस को रात में और सुबह खंगाला गया। सीसीटीवी कैमरे, डीवीआर और आगंतुक रजिस्टर, आईडी की पड़ताल की गई। सिगरा पुलिस के अनुसार पर्यटन विभाग से वैध गेस्ट हाउस और लॉज की सूची मांगी गई है।
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उधर, सिगरा थाना अंतर्गत परेडकोठी, इंग्लिशिया लाइन में इस समय गेस्ट हाउस, पेइंग गेस्ट हाउस, लॉज में अनैतिक धंधा चलने का आरोप है। गेस्ट हाउस में पहले भी छेड़छाड़ और दुष्कर्म जैसे आरोप लगते रहे हैं। आसपास इलाके में रहने वालों के अनुसार स्थिति यह है कि माहौल इतना खराब हो गया है कि लोग अपना मकान किराये पर देकर दूसरे क्षेत्रों में रहने को विवश हैं।