वाराणसी जिले के सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में हृदय संबंधी समस्या लेकर आने वाले मरीजों पर अध्ययन करने की तैयारी चल रही है। इसमें ओपीडी में चेस्ट फिजिशियन के पास आने वाले ऐसे मरीज, जिनको हृदय रोग के उपचार के लिए रेफर किया जाता है, उनकी सूची तैयार कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आईसीएमआर के एक प्रोजेक्ट के तहत तीन सरकारी अस्पताल और तीन सीएचसी (एफआरयू-फर्स्ट रेफरल यूनिट) से मरीजों की सूची बनाकर उसका अध्ययन कराया जाएगा।
अस्पतालों की ओपीडी में फिजिशियन के पास सीने में दर्द की समस्या वाले मरीजों की संख्या अधिक रहती है। इसमें कुछ मरीजों को जांच के बाद चिकित्सक हृदय रोग की समस्या बताते हुए ईसीजी कराने का सुझाव देते हैं। ऐसे मरीजों को दूसरे अस्पताल न जाना पड़े और जिला, मंडलीय अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ही जांच की सुविधा मिले, इसको लेकर ही आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च) की ओर से प्रोजेक्ट के तहत अध्ययन कराया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से इसके तहत जिले में 300 मरीजों पर अध्ययन किया जाएगा। इसमें यह देखा जाएगा कि मरीज को किस जांच के लिए कहां रेफर किया जा रहा है। इस अध्ययन से यह जानने की कोशिश की जाएगी कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों में हृदय रोग संबंधी कौन सी समस्या अधिक है और उन्हें किस तरह की जांच की सुविधा की जरूरत है।
इन जगहों से मरीजों की बनेगी सूची
शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा
दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आराजीलाइन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोलापुर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगापुर
आईसीएमएआर के प्रोजेक्ट पर बीएचयू के हृदय रोग विभाग के प्रो. धर्मेंद्र जैन के सहयोग से तीन महीने तक अध्ययन कराया जाएगा। इसके लिए अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों का चयन कर लिया गया है। बाकी औपचारिकताएं भी पूरी कराई जा रही हैं।
- डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ