देश के 38 लाख रेल कर्मचारियों के लिये खुशखबरी है। अब उन्हें इलाज के लिए उन्हें इधर से उधर नहीं भटकना पड़ेगा। रेलकर्मी बस एक कार्ड से देश के किसी भी कोने में मुफ्त में इलाज करा सकते हैं।
इसके लिए भारतीय रेलवे ने देश के करीब ढाई सौ बड़े अस्पतालों के साथ करार किया है। इन सभी अस्पतालों में रिटायर या कार्यरत रेलकर्मी किसी भी बड़े-से- बड़े रोग का इलाज करा सकते हैं। इस योजना को रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने लागू कर दिया है।
वर्तमान में रेलकर्मी अगर बीमार होते हैं, तो उन्हें नजदीकी रेल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया जाता है। गंभीर बीमारी होने पर मुंबई रेफर किया जाता है। उन्हें दूसरे हॉस्पिटल में इलाज कराने से पहले जोन के चीफ मेडिकल अफसर (सीएमडी) को भेजा जाता है।
कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद रोगी का इलाज होता है लेकिन इस सुविधा के शुरू होने से रेलकर्मियों को कागजी प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। रेलवे अस्पताल से रेफर होने के बाद नजदीकी हॉस्पिटल में इलाज करा सकते हैं।