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यूपी: खतरे के निशान पर पहुंची घाघरा नदी, बाढ़ के साथ ऐतिहासिक धरोहरों पर मंडरा रहा ये डर

Sat, 11 Jul 2020 04:25 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
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घाघरा नदी। - फोटो : अमर उजाला।
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मऊ जिले में घाघरा नदी खतरा बिंदु पर आ जाने से तटवर्ती इलाकों के लोगों मे हड़कंप मच गया है। पिछले कई दिनों से घाघरा के जलस्तर में तेज गति से हो रही वृद्धि बीते दो दिनों से धीमी हो गई है, फिर भी नदी के खतरा बिंदु के पास पहुंच जाने से नगर समेत तटवर्ती इलाकों व नगरवासियों में दहशत बनी हुई है। 

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शुक्रवार को नदी का जलस्तर 69.85 मीटर रहा, जबकि शनिवार को जलस्तर खतरा बिंदु 69.90 पर पहुच गई। इससे बीते चौबीस घंटे में नदी का जलस्तर पांच सेमी बढ़ा है। इससे नगर की ऐतिहासिक धरोहरों के आस्तिव को लेकर खतरा बढ़ गया है। मुक्तिधाम पर स्थित भारत माता मंदिर के पास बने बोल्डर पर नदी की धारा तेज गति से टक्कर मार रही है।


पिछले वर्ष भी मुक्तिधाम के शवदाह स्थल के पास हुए भीषण कटान के कारण शवदाह स्थल का आधा हिस्सा नदी के जद में आकर कटान की भेंट चढ़ चुका है। इस बार भी स्थित वही है, लेकिन दो दिनों से नदी के जलस्तर के बढ़ने की रफ्तार धीमी हो जाने के बाद भी संकट बरकरार है।

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वहीं तटवर्ती इलाकों के किसान पानी घुसने की आशंका से भयभीत हैं, क्योंकि बाढ़ का पानी घुसने से किसानों के धान की फसल बर्बाद हो सकती है। लोगों में नगर की ऐतिहासिक धरोहरों मुक्तिधाम भारतमाता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, दुर्गा मंदिर, रामजानकी मंदिर, डीह बाबा मंदिर, लोकनिर्माण का डाकबंगला, हनुमान मंदिर, शाही मस्जिद आदि के अस्तित्व पर संकट पर बादल मंडरा रहे हैं।
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