गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी
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केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार रात 10 बजे गंगा का जलस्तर 65.48 मीटर दर्ज किया गया। पिछले चौबीस घंटे में गंगा के जलस्तर में दो मीटर से ज्यादा की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। इसकी वजह से वाराणसी में गंगा आरती स्थल में बदलाव के साथ ही चिताएं भी अब मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर तय स्थानों से अलग सजने लगी हैं। डोम परिवार ने बताया कि जलस्तर ज्यादा बढ़ेगा तो चिताएं ऊपर जलाई जाएंगी।
दूसरी ओर गंगा में उफान के बाद अब वरुणा में भी पलट प्रवाह के कारण जलस्तर बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में तटवर्ती इलाकों में लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुट गए हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार पहाड़ों पर हो रही तेज बरसात के कारण मिर्जापुर, बनारस, गाजीपुर और बलिया में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पूर्वांचल के जिलों में आठ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोत्तरी हो रही है। वाराणसी में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर जबकि खतरे का बिंदु 71.262 मीटर और उच्चतम बाढ़ बिंदु 73.901 मीटर है।
कोरोना काल में सबसे अधिक प्रभाव पर्यटन पर पड़ा है। अप्रैल, मई से जुलाई माह तक पर्यटन प्रभावित रहा और घाटों पर पर्यटकों की आवाजाही थमी रही। इससे घाट किनारे रहने वाले नाविकों की जीविका पर संकट रहा। नाविक बाबू साहनी के अनुसार अब एक से दो माह तक बाढ़ से घाटों पर जीविका ठप रहेगी। हालांकि, उम्मीद जताई कि जल्द ही गंगा में उफान कम होगा और नौकाएं गंगा में दोबारा उसी उत्साह से पर्यटकों को सैर कराएंगी।