जौनपुर जिले के केराकत तहसील क्षेत्र के गोमती नदी के तटीय इलाकों की बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। घाघरा में जलस्तर में बढ़ोतरी का क्रम जारी है। हालांकि गंगा का जलस्तर में स्थिरता आई है। चंदवक के बरामनपुर और आसपास के तटवर्ती गांव में नदी का पानी घुस गया है। करीब 25 एकड़ से अधिक फसल डूब गई। तटवर्ती इलाके के लोग गोमती के बढ़ते जल स्तर से भयभीत है। गोमती नदी गाजीपुर में कैथी के पास गंगा नदी में मिलती है। गंगा का जलस्तर बढ़ाव पर होने के चलते गोमती में पानी का दबाव तेजी से बढ़ता है।
गंगा के जलस्तर में ठहराव समस्या बरकरार
भदोही में गंगा के जल स्तर में 80.470 मीटर पर ठहराव आ गया था। जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार आधी रात के बाद गंगा का जल स्तर स्थिर हो गया। लेकिन अब यहां भी गंगा में पानी कम होने लगा है। हालांकि समस्या अब भी कम नहीं हुई है।
चंदौली :
चंदौली जिले में गंगा का बढ़ाव थमा है लेकिन गांवों में पानी भरा है। रास्ते जाम हैं, वहीं घरों में भी पानी भरा है। सबसे अधिक दिक्कत पशुओं के चारे को लेकर हो रही है। जिले के बहादुरपुर, रतनपुर, मढिया, जलीलपुर, सूजाबाद, डोमरी, कूंडा आदि गांवों में घरों तक पानी पहुंच गया है। पड़ाव, धानापुर, चहनियां के करीब 6 गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है। जिले में 42 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में 150 नावें तैनात प्रशासन ने की हैं। कलेक्ट्रेट से भी निगरानी हो रही है।
अब घाघरा मचाने लगी तबाही, 20 हजार की आबादी घिरी
गंगा के बाद अब घाघरा ने तबाही मचाई शुरु कर दी है। मुरली छपरा ब्लॉक के पांच से अधिक गांवों के 20 हजार की आबादी पूरी तरह बाढ़ के पानी घिर गई है। गांवों के लोगों का आवागमन भी ठप हो गया है। इन गांवों के लोगों की नजर अब सरकारी राहत पर टिकी है। घाघरा रविवार को सुबह खतरा बिंदु पार कर गई। नदी लाल निशान 58 मी. को पार कर 58.04 पर बहने लगी है। नदी अभी भी बढ़ाव पर है जिससे कई गावों के पानी से घिरने की आशंका है।
मिर्जापुर में बाढ़ की वजह से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आज सुबह भी पानी कई नए इलाकों में पहुंच गया। प्रशासनिक मदद नाकाफी साबित हो रही है। जिगना, गंगा नदी और कर्णावती नदी में पानी बढ़ने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मिर्जापुर-प्रयागराज मार्ग होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार सुबह गंगा का जलस्तर 77.980 मीटर था, और खतरे का निशान 77. 724 मीटर है। वहीं अब यहां भी पानी में कमी होने लगी है।