शंका होने पर ईंधन की जांच की गई तो पता चला कि उसमें डीजल ही नहीं है। इस पर नगर विधायक ने कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि बाढ़ के समय जब इस प्रकार की लापरवाही की जा रही है तो सामान्य दिनों की बात की कल्पना की जा सकती है। डीजल मिलने और उसको फिर से स्टार्ट होने में काफी विलंब हो गया और विधायक को अपना दौरा बीच में ही छोड़कर वापस आना पड़ा।
पूर्व में भी हो चुकी है ऐसी ही घटना
मिर्जापुर। तकरीबन छह वर्ष पूर्व जब गंगा में बाढ़ आई थी तो जिलाधिकारी, मजिस्ट्रेट जिले के कई पत्रकारों को साथ लेकर बाढ़ का निरीक्षण करने निकले थे। उस समय भी बीच गंगा में ही स्टीमर बंद हो गई थी। उस समय भी डीजल न होने के कारण ही स्टीमर बंद हुई थी। डीएम समेत सभी लोग काफी देर तक बंद स्टीमर में खड़े हिचकोले खाते रहे। बाद में जब स्टीमर में डीजल डाला गया तो सभी लोग वापस आए।