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2016 से केवल 80 सेमी दूर है गंगा

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वाराणसी। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर बढ़ गया है। अब गंगा का जलस्तर 2016 और 2013 में आई बाढ़ के करीब पहुंचने लगा है। ऐसे में गंगा के इस रौद्र रूप से अब बस्तियों में तबाही शुरू हो गई हे। गंगा का जलस्तर शुक्रवार की रात्रि 10 बजे 71.76 मीटर पहुंच गया है, जो 2016 में आई बाढ़ 72.56 मीटर से मात्र 80 सेमी नीचे है। गंगा का जलस्तर एक सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है। पिछले 20 साल यानी 1999 से लेकर अब तक कुल पांच बार बाढ़ आई है। जबकि दो बार चेतावनी बिंदु को ही गंगा ने पार किया है।
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केन्द्रीय जल आयोग के आंकड़े
वर्ष - जलस्तर
1999 - 71.34
2000- 70.50
2003- 72.10
2005- 70.46
2013- 72.63
2016- 72.56
बाढ़ से बढ़ रहा लोगों का दर्द
सामने घाट से लेकर टिकरी रमना गांव के तटवर्ती इलाके में रहने वाले लोग बाढ़ आने के बाद बुरे दौर से गुजरने लगे हैं। किसी का खेत डूबा तो किसी का घर और गृहस्थी। कुल मिलाकर अब नदियां लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। अच्छे अच्छे रिहायशी घरों में रहने वाले लोग अब अपने घरों को छोड़कर शिविर और रिश्तेदारों के यहां रह रहे हैं। वरुणा और असि ने भी अब बस्तियों में तबाही मचाना शुरू कर दिया हैै, लोग अपने घरों के छतों पर कैद हो गये हैं।
पत्नी बच्चों को भेजकर घर की कर रहे सुरक्षा
गंगा का पानी सामने घाट के पटेल नगर, मारुति नगर, तारानगर, सीर गोवर्धन पुर के काशीपुरम और नगवां स्थित गंगोत्री विहार में रहने वाले लोगों को पानी के विभीषिका से जूझना पड़ रहा है। लोग परिवार के बच्चों को सुरक्षित भेजकर खुद घर में ही सुरक्षा करने के लिए पड़े हुए हैं। सामने घाट के मारुति नगर कालोनी में रहने वाले विजय शंकर सिन्हा, निशू सिंह, दिवाकर सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा संसाधन मुहैया कराया जा रहा है, लेकिन घर में चोरी होने के डर को देखते हुए घरों में राशन पानी लेकर टॉर्च के सहारे पड़े हैं।
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इन इलाकों मेें पहुंचा वरुणा का पानी
गंगा के बढ़ाव के चलते वरुणा का पानी कोनिया, नक्खी घाट, बिजई पुरा, दनियाल पुर, मीराघाट, ढेलवरियां, पलंग शहीद सहित कई इलाकों में पानी प्रवेश कर गया है। इससे इन इलाकों का सीवर भी अब बह नहीं रहा है बल्कि वह भी ओवर फ्लो कर रहा है। जिसका नतीजा यह है कि लोग अब सुरक्षित स्थानों पर शरण लेना शुरू कर दिये हैं।
जान लेवा हो जाएंगे आईपीडीएस के गड्ढे
सामने घाट स्थित बालाजी कॉलोनी में पिछले 20 दिनों से आईपीडीएस के द्वारा अंडर ग्राउंड केबल का काम किया जा रहा था। 20 दिन काम करने के बाद भी काम पूरा नहीं हो पाया। खोदे गये गड्ढों से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। लोगों ने कहा कि जिस तरह गंगा का पानी बढ़ रहा है उस हिसाब से कुछ घंटों में पूरी कॉलोनी में पानी भर जाएगा। लेकिन अभी भी आईपीडीएस द्वारा गड्ढा नहीं भरा गया है। उसकी गहराई कम से कम 3 फीट है। कॉलोनी में पानी भर जाने पर कोई भी उन गड्ढों में गिर सकता है।
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