वाराणसी। पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि मठ मंदिरों में सरकारी हस्तक्षेप ठीक नहीं है। मंदिर चलाना सेक्युलर दायरे में नहीं आता है। यह धार्मिक क्षेत्र का दायित्व है। इसका निर्धारण शास्त्रों के अनुसार ही होना चाहिए। राम मंदिर में निर्णय शास्त्रों के अनुसार ही होना चाहिए। शुक्रवार को अस्सी स्थित दक्षिणामूर्ति आश्रम में प्रवचन के दौरान उन्होंने वेद-वेदांत पर जानकारी दी।
शंकराचार्य ने कहा कि आधुनिक विकास, असुर बनाने का मनोरम प्रयास है। आजकल जैसे विकास को क्रियान्वित और परिभाषित किया जा रहा है वो संपूर्ण विश्व के लिए विस्फोटक है। जिस विकास से प्रकृति क्षुब्ध, विक्षुब्ध और विकृत हो रही है वो विकास नहीं बल्कि विकास के नाम पर विनाश है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में आवश्यक है कि विकास को परिभाषित और क्रियान्वित करने की पद्धति वेद सम्मत हो जिससे कि संपूर्ण मानव जाति और विश्व कल्याण के लिए मार्ग प्रशस्त हो सके। पुरी पीठाधीश्वर तीन दिवसीय प्रवास पर काशी पहुंचे हैं।