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गंगा नाव हादसा: वाराणसी में 40 घंटे बाद भी तीन बहनों का पता नहीं, एनडीआरएफ और जल पुलिस तलाश रही, टिकरी से अस्सी घाट तक फैलाया जाल

Tue, 21 Dec 2021 10:45 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

नाव से सवार पांच लोग कहीं से लौट रहे थे, जहां अचानक नाव पीपा पुल के रस्से में फंस कर पलट गई थी। इसमें दो लोगों को तो बचा लिया लेकिन तीनों बहनें डूब गईं। जिन्हें खोजने का काम जारी है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मिर्जापुर-वाराणसी सीमा के रैपुरिया घाट के पास रविवार अपराह्न 3 बजे गंगा में पांच लोगों से भरी नाव पलटने के हादसे में लापता तीन बहनों का 40 घंटे बाद भी कोई पता नहीं चल सका। चितईपुर थाना अंतर्गत टिकरी गांव निवासी बहनों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

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वहीं गंगा में पानी का बहाव इतना तेज है कि एनडीआरएफ और जल पुलिस के गोताखोर जमीन के सतह तक पहुंच नहीं पा रहे हैं। गंगा में जाल डालते ही तेज बहाव के कारण बह जा रहा है। एनडीआरएफ की तीन और जल पुलिस की एक टीम और चितईपुर थाने की पुलिस सुबह से सर्च अभियान में जुटी हुई हैं। गंगा में डूबी आकांक्षा(18), साक्षी(10), शिवांगी(15) के परिजनों की ओर से भी खोजबीन की जा रही है।

मिर्जापुर जिले के अदलहाट थाना अन्तर्गत रैपुरिया स्थित गंगा किनारे सूरदास आश्रम पर रविवार को आयोजित भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर नाव से घर लौटते समय निर्माणाधीन पीपा पुल के रस्से में फंस कर नाव पलट गई थी। टिकरी गांव की रहने वाली सुशीला देवी(55) और नाविक गोलू को बचा लिया गया। जबकि सुशीला की बेटी आकांक्षा और परिवार की अन्य दो किशोरियां शिवांगी और साक्षी गंगा में डूब गईं।

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चितईपुर थाने के प्रभारी मिर्ज़ा रिजवान बेग के अनुसार गंगा में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। एनडीआरएफ और जल पुलिस के गोताखोर जुटे हुए हैं। अस्सी तक जाल फैलाया गया। वहीं गाजीपुर जिले में भी पुलिस को अलर्ट किया गया है। गंगा में पानी का बहाव बहुत तेज है।
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मछली मारने के लिए बनवाई गई थी नाव
गंगा में नाव हादसे के दूसरे दिन मौके पर मौजूद कल्लू साहनी ने बताया कि उनका बेटा गोलू खेत में सब्जी की निराई कर रहा था। सुशीला के कहने पर खेत से जाने के लिए निकला। उनकी डोंगी सिर्फ मछली मारने के लिए दो लोगों के सवार होने के लिए बनवाई गई थी। गोलू समेत पांच लोग सवार हो गए। पीपा पुल पार करते समय बहाव की गति सीधे जाकर पीपा से टकराई और रस्सी में फंसकर पलट गई। गोलू डोंगी पलटते समय खड़ा हो गया। डोंगी का संतुलन बिगड़ गया, जिसके बाद नाव गंगा में समा गई।
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