शुभम अपने दोस्त यजत, अंकित, प्रशांत व वैभव के साथ
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दोस्तों ने पिता का किया अंतिम संस्कार
कोरोना के कारण किसी ने अपने पिता को खोया है तो किसी ने अपने बेटे को। दानगंज निवासी शुभम के साथ भी कु छ ऐसा ही हुआ। नौकरी के चलते शुभम मुंबई में थे और यहां उनका पूरा परिवार कोरोना संक्रमित हो चुका था। एक दिन पिता की तबीयत ज्यादा बिगड़ी और उन्हें हॉस्पिटल ले जाने की नौबत आ गई। संक्रमित होने की वजह से परिवार का कोई अन्य सदस्य नहीं जा सकता था।
ऐसे में शुभम ने अपने दोस्तों से संपर्क किया। उनके दोस्त यजत, अंकित, प्रशांत व वैभव रात में उसके घर पहुंचे और पिता को लेकर बीएचयू कोविड वार्ड में एडमिट कराया। भर्ती होने के तीन दिन बाद शुभम के पिता की तबीयत ठीक होने लगी। लेकिन एक दिन अचानक उनकी तबीयत ज्यादा खराब हुई और उनका देहांत हो गया। कोरोना के कारण लॉकडाउन में शुभम मुंबई से वाराणसी नहीं आ पाए। ऐसे में दोस्तों ने ही उसके पिता का अंतिम संस्कार किया।