क्राइम ब्रांच के विवेचना अधिकारी ने 2018 में ही कोर्ट से बी वारंट लेकर उसे लखनऊ जेल में तामील कराया था। अब लखनऊ जेल के अधिकारियों की सक्रियता के बाद ही गायत्री प्रजापति को यहां लाया गया। इससे पहले भी बी वारंट लखनऊ भेजा गया था लेकिन, मेडिकल आधार पर गायत्री प्रजापति को वाराणसी नहीं लाया गया था। सुनवाई के समय दोनों पक्षों के अधिवक्ता और गायत्री प्रजापति के समर्थक भी मौजूद रहे।