बाढ़ के कारण छत पर गंगा आरती की गई।
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केंद्रीय जल आयोग की बाढ़ बुलेटिन के अनुसार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 67.72 मीटर पर था। जलस्तर में पांच सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही थी। दोपहर बाद रफ्तार में कमी आई और तीन सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ाव शुरू हो गया। रात आठ बजे जलस्तर 68.04 मीटर पहुंच चुका था। मिर्जापुर में जलस्तर 73.35, बलिया में 56.54 और गाजीपुर का जलस्तर 60.41 मीटर दर्ज किया गया।
ढाब क्षेत्र में किसानों की बढ़ीं मुश्किलें
गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से चिरईगांव ब्लॉक का ढाब क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आता जा रहा है। सबसे अधिक प्रभावित इलाके में रामचंदीपुर से मोकलपुर तक के किसानों की सब्जियों की फसलें जलमग्न होने लगी हैं।
क्षेत्र के किसानों की लगभग साढ़े तीन सौ बीघा जमीन में लगी मौसमी सब्जियां बाढ़ की चपेट में आने लगी हैं। यह फसलें स्थानीय किसानों के लिए रोजमर्रा की जीविका का प्रमुख स्रोत हैं। फिलहाल रामचंदीपुर और मोकलपुर घाट के सामने ग्रामीणों के सहयोग से एक नाव चलाई जा रही है, जिससे स्थानीय आवागमन संभव हो पा रहा है।