प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र की हर मुसीबत पर उसके साथ खड़े रहते हैं। इससे पहले काशी विश्वनाथ धाम परिसर में मकान गिरने से मजदूरों की मौत के बाद भी पीएम ने मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल को फोन कर पीड़ितों को हर संभव मदद का निर्देश दिया था। इससे पहले कोरोना काल मेें भी पीएम समय-समय पर प्रशासनिक अधिकारियों व स्थानीय लोगों से फीडबैक लिया करते थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज वाराणणसी आएंगे। सीएम के आगमन की सूचना के बाद से प्रशासनिक महकमा बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों की व्यवस्था दुरुस्त करने में जुट गया। जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी पूरे दिन बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में सक्रिय रहकर लोगों तक राहत पहुंचाने के प्रयास में जुटे रहे। उधर, प्रशासन ने बाढ़ राहत और बचाव की कवायद व तैयारियों पर पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन तैयार किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हवाई सर्वे करने के बाद अपराह्न तीन बजे वाराणसी पहुंचेंगे और बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचकर उनसे संवाद करेेंगे। इससे पहले वर्ष 2019 में बनारस में आई बाढ़ के दौरान सीएम योगी ने इन क्षेत्रों का जायजा लिया था।
ऐसे में उन्हें पिछली बाढ़ की पूरी जानकारी है और वर्तमान स्थिति का आंकलन वे करेंगे। सीएम से पहले कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डा. नीलकंठ तिवारी, रविंद्र जायसवाल, विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह, सौरभ श्रीवास्तव सहित पूरा प्रशासनिक तंत्र राहत सामग्री वितरण में जुटा रहा। इसके अलावा नगर निगम राहत शिविर और बाढ़ वाले मोहल्लों में जरुरी कवायद करने में लगा रहा।