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UP: दुष्कर्म पीड़िता बेटी को गोद में लेकर उपचार के लिए 8 घंटे तक भटकता रहा पिता, धरने पर बैठा; जागा प्रशासन

Fri, 27 Mar 2026 09:19 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।

सार

Ghazipur News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में दुष्कर्म पीड़िता को गोद में लेकर पिता उपचार के लिए भटकता रहा। अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मी मेडिको लीगल कराने के लिए इधर-उधर भेजते रहे तो परिजनों का गुस्सा भड़क गया। वे लोग धरना देने लगे तब जाकर अस्पताल और जिला प्रशासन की नींद खुली। इसके बाद पीड़िता का उपचार शुरू हुआ।
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अस्पताल के कर्मचारियों से बातचीत करती पुलिस। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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UP Crime: गाजीपुर के नंदगंज थाना के एक की छह वर्षीय मासूम के साथ बृहस्पतिवार शाम उसके पड़ोसी 12 वर्षीय बालक ने दुष्कर्म किया। दर्द व पीड़ा से परेशान पीड़िता को उपचार के लिए आठ घंटे लेकर परिजन मेडिकल कॉलेज महिला अस्पताल में भटकते रहे। चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी मेडिको लीगल कराने के लिए परिजनों को करीब 5 से 6 किमी दूर गोराबाजार स्थित ट्रामा सेंटर तक दौड़ाते रहे। 

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इससे आक्रोशित परिजन एवं ग्रामीण रात नौ बजे धरने पर बैठ गए। सीएमओ व मेडिकल काॅलेज के उप प्राचार्य के साथ तिखी नोकझोक के बाद 11 बजे मामला शांत हुआ, तब जाकर पीड़िता का उपचार शुरू हो पाया। 

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पुलिस ने की कार्रवाई

एएसपी ग्रामीण अतुल सोनकर ने बताया कि नंदगंज थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्रा ने बताया कि एक गांव के एक व्यक्ति ने तहरीर देकर बताया कि छह वर्षीय बालिका घर के बाहर खेल रही थी। पड़ोस का रहने वाले 12 वर्षीय बालक घर के पास खंडहर में ले जाकर दुष्कर्म किया। इससे मासूम की हालत काफी खराब बनी हुई है। 

थानाध्यक्ष अतुल कुमार ने बताया कि पीड़िता के पिता की तहरीर पर प्राथमिक दर्जकर आरोपी बालक की तलाश की जा रही है। इसके बाद पुलिस ने पीड़िता को उपचार और चिकित्सकीय परीक्षण के लिए मेडिकल काॅलेज के महिला अस्पताल भेजा दिया। पीड़िता के परिजनों ने बताया कि वह शाम करीब तीन बजे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल लेकर पहुंचे। 

ग्रामीणों में भड़का आक्रोश

आरोप लगाया कि यहां महिला चिकित्सकों ने मासूम का उपचार करने के बजाए करीब छह किमी दूर मेडिको लीगल के लिए ट्रामा सेंटर भेजा दिया। जब मासूम को लेकर गोराबाजार स्थित ट्रामा सेंटर पहुंचे तो वहां डॉक्टर नहीं थे। ऐसे में फिर मासूम को उपचार के लिए महिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन नौ बजे तक इलाज शुरू नहीं हुआ। इसके बाद परिजन दुष्कर्म पीड़िता मासूम को लेकर महिला अस्पताल के गेट पर धरने पर बैठ गए। तब-तक ग्रामीण और अन्य लोग भी पर पहुंच गए। 

जानकारी होते ही मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल पर सीएमओ डॉ. एसके पांडेय, उप प्राचार्य प्रोफेसर नीरज पांडेय और एएसपी ग्रामीण अतुल सोनकर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। इस दौरान सीएमओ और धरने पर मौजूद लोगों से जमकर बहस हुई। पुन: समझाने पर रात करीब 11 बजे मासूम को भर्ती कर उपचार शुरू होने पर मामला शांत हो गया।

मासूम के महिला अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उपचार किया। नियम- निर्देशों को फालो करते हुए मेडिको लीगल के लिए मासूम को जब लेकर परिजन गोराबाजार ट्रामा सेंटर पहुंचे, जो सीएमओ के अधीन हैं। वहां कोई चिकित्सक तैनात नहीं थे और न ही कोई चिकित्सक आया। ऐसे में आरोप व प्रत्यारोप सभी गलत हैं। समय से मासूम को भर्ती कर उपचार शुरू हो गया था। - प्रोफेसर आनंद मिश्रा, प्राचार्य महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज गाजीपुर

महिला अस्पताल पांच वर्ष पूर्व मेडिकल कॉलेज के अधीन हो गया था, इन पांच वर्षों में मरीज के इलाज के नाम पर लगातार लापरवाही की जा रही है। इसकी पूरी कमान मेडिकल कॉलेज प्रशासन के हाथ में है। इस तरह की लापरवाही होती रही तो वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दूंगा। मासूम के इलाज में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ में शासन में भी पत्र भेजा जाएगा, जिससे कड़ी कार्रवाई हो सके। - डा. एसके पांडेय, सीएमओ गाजीपुर।
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नंदगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की छह वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म की जानकारी हुई। तत्काल मासूम को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेज दिया गया। पीड़िता के पिता की तहरीर पर आरोपी बालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। - अतुल सोनकर, एएसपी ग्रामीण
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