परिजनों ने उसे समझाया था कि हमेशा नशे में डूबे रहना अच्छी बात नहीं है। घर में हंसी-खुशी का माहौल है। परिजनों की यही बात नागवार गुजरी और उसने गुस्से में कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी।
वाराणसी के चेतगंज थाना क्षेत्र के बौलियाबाग, रामकटोरा में बेटे की बरात से पहले पिता ने फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि बुजुर्ग शराब पीने का आदी था। इस लत की वजह से परिवार से कहासुनी हुई थी। आवेश में आकर बुजुर्ग ने फंदा लगाकर जान दे दी।
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बौलियाबाग, रामकटोरा निवासी अर्जुन विश्वकर्मा (60) मुंबई में रह कर बढ़ई का काम करता था। 13 फरवरी को बेटे विशाल की शादी के लिए वह घर आया हुआ था। घर में रिश्तेदार भी आए हुए थे। परिजनों ने रविवार रात समझाया कि हमेशा नशे में डूबे रहना अच्छी बात नहीं है। घर में हंसी-खुशी का माहौल है। परिजनों की बात अर्जुन को नागवार गुजरी और उसने गुस्से में कमरे में फंदा लगा लिया। सोमवार सुबह अर्जुन के कमरे का दरवाजा नहीं खुला।
परिजनों ने खिड़की से झांक कर देखा तो अर्जुन फंदे पर लटका हुआ था। परिजनों ने सूचना पुलिस को दी। इंस्पेक्टर चेतगंज डॉ. आशीष कुमार मिश्रा ने बताया कि परिजनों से कहासुनी के बाद बुजुर्ग ने आत्मघाती कदम उठाया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है।