एक साल पहले रायफल क्लब में ही अधिवक्ता सरोज और एसबीआई के रामबचन चौहान से मुलाकात हुई। सरोज ने बताया था कि वह पूर्व में कलेक्ट्रेट के असलहा बाबू के साथ काम करता था। सरोज लोगों के शस्त्र नवीनीकरण के लिए चालानी रिपोर्ट लेकर ट्रेजरी में जमा करने के लिए पैसा लेता था।
कचहरी एसबीआई में रामबदन चालानी रिपोर्ट पर बैंक की मुहर लगा कर दे देता था। इसके बाद ट्रेजरी में पैसा न जमा कर चालान का पैसा तीनों आपस मे बांट लेते थे। इंस्पेक्टर जैतपुरा ने बताया की जल्द ही अन्य दोनों आरोपी भी गिरफ्तार किए जाएंगे।