माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट के छात्रों की परीक्षा से पहले निर्धारण को लेकर विद्यालयों का भी इम्तिहान होगा। जिस तरह से बोर्ड परीक्षा में केंद्रों के गठन पर सवाल उठते हैं, ऐसे में बिजली, पानी, सुरक्षा आदि के साथ ही संबंधित विद्यालय के परीक्षा परिणाम को भी मुख्य आधार बनाया गया है। परिषद की ओर से विद्यालयों को नंबर भी दिया जाएगा। अधिक नंबर पाने वाले विद्यालयों की मेरिट सूची तैयार करने के बाद केंद्रों की फाइनल सूची जारी की जाएगी।
कोरोना की वजह से इस साल की परीक्षा नहीं कराई गई और छात्रों को प्रमोट कर दिया गया था। अब जबकि संक्रमण कम है तो परीक्षा कराने की तैयारी शुरू हो गई है। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से केंद्र निर्धारण को लेकर विशेष सावधानी बरती गई है। केंद्रों का निर्धारण जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई विद्यालयों की प्रमाणित आधारभूत सूचनाओं पर होगा। परिषद के सचिव की ओर से जिला विद्यालय निरीक्षक को जो पत्र भेजा गया है, उसके आधार पर कार्रवाई शुरू हो गई है। सूचनाओं के आधार पर ही परीक्षा केंद्रों का चयन/ निर्धारण साफ्टवेयर द्वारा ऑनलाइन किया जाएगा। हर विद्यालय को परिषद की वेबसाइट पर अपलोड सूचना के आधार पर अंक प्रदान किया जाएगा। इसी आधार पर मेरिट सूची बनेगी। जिन विद्यालयों के मेरिट अंक सामान होंगे उनमें से हाईस्कूल में परीक्षार्थियों की संख्या जिसकी अधिक होगी, उसे वरीयता दी जाएगी। इस तरह की पहल से केंद्र निर्धारण में पारदर्शिता तो आएगी ही व्यवस्था भी सुदृढ़ हो जाएगी।
इन पर मिलेंगे नंबर
विद्यालय का स्तर
इंटरमीडिएट विद्यालय 20 अंक
केवल हाईस्कूल स्तर 10
विद्यालय की श्रेणी
राजकीय माध्यमिक विद्यालय 50
सवित्त माध्यमिक विद्यालय 30
वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालय 10
सीसीटीवी कैमरा 10
2020 में परीक्षा केंद्र बनने पर 20
वर्ष 2020 में हाईस्कूल परीक्षा परिणाम 10 अंक
90 प्रतिशत से अधिक अंक होने पर
वर्ष 2020 में इंटर में परीक्षा परिणाम 10 अंक
90 प्रतिशत से अधिक अंक होने पर