ज्ञानवापी पर सिर्फ महादेव का एकाधिकार
वाराणसी। भागवत वक्ता देवकीनंदन ठाकुर ने व्यासपीठ से कहा कि ज्ञानवापी पर सिर्फ महादेव का एकाधिकार होना चाहिए। महादेव की कृपा से यह सुनिश्चित है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत में बांग्लादेश नहीं बनने देंगे। यदि सारे सनातनी इकट्ठे हो गए तो सारी समस्याएं अपने आप हल हो जाएंगी।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा वरशिप एक्ट पर बेंच का गठन एवं मुकदमे की तारीख तय करने को महादेव का आशीर्वाद बताया और कहा कि अब सभी देवालयों की मुक्ति का समय आ गया है। उन्होंने सनातनियों से आग्रह किया कि जब तक जनसंख्या नियंत्रण कानून नहीं आ जाता तब तक हर घर में राम,लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न की जोड़ी होनी चाहिए।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के दीक्षांत मंडप में चल रही सप्ताहव्यापी श्रीमद भागवत कथा के सातवें दिन और सिय पिय मिलन विवाह महामहोत्सव के अंतिम दिन कथा श्रवण कराते हुए देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि जब हम कुमार्ग पर बढ़ने लगते हैं तो भागवत ही हमें सन्मार्ग पर ले जाता है। आज घरों से सनातन प्रतीक ही खत्म होते जा रहे हैं जो चिंता का विषय है, अपनी नई पीढ़ी में सनातनी संस्कार डालिए। उन्हें तिलक लगाना सिखाएं, शिखा रखें, गले में तुलसी की माला धारण करें, जिससे कम से कम सनातन के प्रतीक और विचारों का ज्यादा से ज्यादा प्रचार हो सके।
उन्होंने कहा कि हमें अपनी देवभाषा संस्कृत और मातृभाषा हिंदी पर गर्व होना चाहिए। कथा के अंत में उन्होंने कहा कि यह भागवत ही है जिसके श्रवण मात्र से हम ऋषि ऋण से मुक्त हो जाते हैं। व्यासपीठ का पूजन पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह, सिया दीदी, अशोक अग्रवाल, वेद अग्रवाल, राधे गोविंद केजरीवाल, दीपक बजाज, सुरेश तुलस्यान ने किया। आरती श्रीराम शर्मा, तरु शर्मा, वैभव, राघव, गोविंद, विनय, संचित, विवेक अनादि, सुशील लोहिया, मन्नू आदि ने उतारी।