फ्रांस से की काशीवासियों की मदद
बनारस के नितिन श्रीवास्तव फ्रांस के लियोन शहर के एचसीएल कंपनी में कार्यरत हैं। कोरोना काल में नितिन को सोशल मीडिया के जरिए जब सूचना मिली की लोग भूख और दवा के अभाव में तड़प रहे हैं। तो उन्होंने वाराणसी के ही रमेश श्रीवास्तव, रविंद्र पांडेय, लखनऊ से सिद्धांत सिन्हा, फ्रांस से रश्मि और दीपक, आयरलैंड से विजय पॅाल के साथ मिलकर लोगों की मदद की। कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए उन्होंने फोन नंबर और ई-मेल जारी किया था। कोरोना पीड़ित को जैसी जरूरत होती थी वैसी मदद पहुंचाई। यही नहीं फ्रांस पढ़ने गए भारतीय मूल के 25 बच्चों को महामारी में रहने खाने की मदद करने के लिए इन्हें फ्रांस में स्थित भारतीय दूतावास ने सम्मानित भी किया है।
अमेरिका से भेजे ऑक्सीजन कंसनट्रेटर
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जब लोगों के सामने ऑक्सीजन कंसनट्रेटर की समस्या खड़ी हो गई थी। उस समय यूएसए के टक्सास में रहने वाले इंजीनियर राजेश सिंह ने बनारस में अपने दोस्तों की मदद से लोगों तक मदद पहुंचाई। राजेश मूल रूप से लालपुर क्षेत्र के नटिनियादाई के रहने वाले है। राजेश बताते है कि बनारस में रहने वाले सीए सोसाइटी के सदस्य मेरे दोस्त हैं। हमने व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को जोड़ा। ग्रुप में जब भी किसी की मदद का संदेश आता तो सभी सक्रिय होकर अपनी ओर से मदद पहुंचाया करते थे। ऑक्सीजन कंसनट्रेटर ही नहीं, जरूरी दवाईयों व अन्य जरूरी उपकरण भी कारर्गों विमान के जरिए भेजवाया जाता था।