सरकारी विद्यालयों के ऊपर से गुजरने वाले बिजली के तार हो या परिसर से सटे खंभे, अब इनसे बच्चों को कोई खतरा नहीं होगा। अमर उजाला में 16 सितंबर को छपी खबर का संज्ञान लेकर लखनऊ में प्राक्कलन समिति की बैठक में पिंडरा विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने इस मुद्दे को उठाया। समिति ने शिक्षा निदेशक सर्वेंद्र विक्रम सिंह को एक माह में तारों को भूमिगत करने के साथ खंभों को शिफ्ट करने का निर्देश दिया है। इसी मामले में बीएसए राकेश सिंह को भी तलब किया गया था। बुधवार को 15 सदस्यीय विधायकों की समिति व संबंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक के बाद समस्या को दूर करने का फैसला लिया गया। वहीं, स्कूलों के कायाकल्प के लिए सरकारी स्कूलों को मिलने वाला कंपोजिट ग्रांट बंद कर दिया था। जिसे समिति ने दोबारा शुरू किया है। प्राक्कलन समिति ने इसके लिए शिक्षा निदेशक को आदेश भी दिया है। प्राक्कलन समिति में मामला उठने के बाद 50 विद्यालय तारों के मकड़जाल से मुक्त हो जाएंगे। वर्तमान में ग्रामीण व नगर क्षेत्र में कुल मिलाकर 1144 विद्यालय हैं। 50 विद्यालयों के ऊपर से तार गुजर रहे हैं या बाउंड्री से सटकर खंभे लग हुए हैं। इनसे हादसे का खतरा रहता है।
कोट
लखनऊ में प्राक्कलन समिति की बैठक में बिजली विभाग को स्कूलों के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों को जल्द से जल्द भूमिगत करने के निर्देश मिले हैं। इस पर कार्रवाई चल रही है। जल्द ही समस्या दूर हो जाएगी।
-राकेश सिंह, बीएसए