आर्थिक तंगी और पारिवारिक कलह के चलते पति-पत्नी में हमेशा झगड़ा होता रहा था। शनिवार शाम और रविवार सुबह भी पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर वाद-विवाद हुआ। सुबह नौ बजे पति घर से बाहर गया तो विवाहिता दोनों बच्चों के साथ कमरे में घुस गई और दरवाजा बंद लिया। बच्चों को चारपाई पर सुलाकर बिस्तर से ढंक दी।
अपने और बच्चों के ऊपर कोई तरल पदार्थ छिड़ककर आग लगा ली। आग की लपट एवं चीख-पुकार सुनकर पति समेत आसपास के लोग दौड़े। कमरे का दरवाजा तोड़ कर आग बुझाया। इस दौरान आग की चपेट में आने से पति का हाथ भी झुलस गया। सूचना पर पहुंचे बड़ागांव थाने की पुलिस ने महिला और दोनों बच्चों को एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया। जहां उपचार के दौरान तीन माह की मासूम प्रियल की मौत हो गई। अभी तक किसी पक्ष ने मुकदमा दर्ज नहीं कराया है।