आदिकाल से ही भारत में प्रत्येक पूजा पाठ एवं अनुष्ठान के अंत में संपूर्ण विश्व की सुख, शांति एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है। इसे आगे बढ़ाते हुए डॉ. जगदीश पिल्लई ने विगत वर्ष एक मुहिम शुरू की। इसके तहत काशी के करीब 56 परिवार के लोगों ने मिलकर 11551 बार 'लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु' प्रार्थना अपने हाथों से लिखकर विश्वभर के लोगों के सुखी रहने की प्रार्थना की थी। छोटे बच्चों से लेकर बड़े व बुजुर्गों तक ने इस मुहिम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था। सबको एक हफ्ते में कम से कम 100 बार लिखकर व्हाट्सएप करने को कहा गया था। इस मुहिम के तहत 5001 बार लिखने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन, कुछ लोगों ने 500 एवं 1000 से भी ज्यादा बार लिखा और कुल मिलाकर 11551 बार मंत्र लिखा गया।