गुजराती समाज के श्री स्वामी नारायण मंदिर में होने वाले अन्नकूट महोत्सव पर सूर्यग्रहण की छाया लग गई है। मंदिर के इतिहास में पहली बार अन्नकूट महोत्सव नहीं होगा। दीपावली के दूसरे दिन मछोदरी स्थित मंदिर में सभी आयोजन को स्थगित कर दिया गया है।
महंत स्वामी प्रेम स्वरूप दास ने बताया कि इस बार 25 अक्तूबर को सूर्य ग्रहण लगने से अन्नकूट और भंडारा नहीं लगेगा। ग्रहण में भोग के सभी सामान अशुद्ध हो जाते हैं और इससे भगवान को चढ़ाया जाने वाला छप्पन भोग बनाने से दोष पड़ता है। शास्त्र सम्मत है कि ग्रहण काल में पूजन-अर्चन एवं राग-भोग आदि धार्मिक कृत्य नहीं करना चाहिए। मंदिर में 22 अक्तूबर को शाम छह बजे से धनतेरस पूजन धार्मिक परंपरानुसार होगा।
देव विग्रहों के शृंगार के बाद भोग प्रसाद अर्पित कर आरती उतारी जाएगी। भक्तों में खजाना व प्रसाद भी वितरित किया जाएगा। 24 अक्तूबर को दीपावली पूजन मंदिर की परंपरा के अनुरूप किया जाएगा। दोनों दिन के विशेष पूजन से पहले मंदिर परिसर को सजाने का काम पूरा हो चुका है। 26 अक्तूबर को मंदिर प्रांगण में भंडारे का आयोजन किया गया है।
मां अन्नपूर्णा के दरबार में दर्शन पूजन और खजाना पाने के लिए श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा है। आस्था का आलम यह है कि 36 घंटे पहले ही माता के दर्शन के लिए श्रद्धालु बैरिकेडिंग में कतारबद्ध होने लगे हैं। एडीएम सिटी ने भी शुक्रवार शाम धनतेरस पर होने वाले दर्शन पूजन की तैयारियों का जायजा लिया। शुक्रवार शाम स्वर्णमयी अन्नपूर्णा के दर्शन के लिए बांसफाटक रोड पर लगी बैरिकेडिंग में श्रद्धालु कतारबद्ध होने लगे।
अधिकारियों ने जब बताया कि 22 को नहीं 23 अक्तूबर को माता के दर्शन होंगे तो श्रद्धालुओं का जवाब था कि अब तो आ गए हैं और अब दर्शन करने के बाद ही जाएंगे। महंत शंकर पुरी ने बताया कि 23 अक्तूबर को भोर में चार बजे से माता अन्नपूर्णा के दर्शन पूजन का सिलसिला आरंभ होगा जो 26 अक्तूबर तक चलेगा। 25 अक्तूबर को सूर्यग्रहण के कारण दो बजे से शाम 7.30 बजे तक साढ़े पांच घंटे मंदिर के कपाट बंद रहेंगे।