काशी विश्वनाथ धाम में केशव प्रसाद मौर्या समेत अन्य लोग
- फोटो : अमर उजाला
उनके इस दौरे के बाद पदाधिकारी से लेकर आम कार्यकर्ता सक्रिय हो गए हैं। स्थानीय नेताओं का कहना है कि उप मुख्यमंत्री के इस दौरे ने भाजपा की तैयारियों को मुकम्मल करने का काम किया है। निकाय चुनाव में नए परिसीमन के बाद वार्डों के भूगोल को देखते हुए भाजपा इस बार अल्पसंख्यकों पर भी दांव लगा सकती है। पार्टी नेताओं के अनुसार अब वार्डों के आरक्षण का इंतजार है, ताकि जातिगत समीकरण को देखते हुए रणनीतिकार प्रत्याशियों के नाम तय करें। चुनिंदा पदाधिकारियों के साथ शनिवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की बैठक में चुनावी रणनीति तय हुई।
पढ़ें: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद बोले- स्मार्ट सिटी की तर्ज पर बनाएं स्मार्ट विलेज, धन की नहीं होगी कमी
लोकसभा चुनाव 2024 को देखते हुए पार्टी निकाय चुनाव में झंडा बुलंद करने में जुटी है। माना जा रहा है कि निकाय चुनाव से ही लोकसभा चुनाव की नींव मजबूत होगी। नए परिसीमन के चलते 90 वार्ड की जगह अब 100 वार्ड हो गए हैं। ऐसी स्थिति में पार्टी अबकी बार 80 पार सीटों को जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही है। वाराणसी के निकाय चुनाव प्रभारी जगदीश त्रिपाठी ने बताया कि चुनावी रणनीति तैयार हो गई है। जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा ने बताया कि जल्द ही प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की जाएगी।