जिले में मौसमी बीमारियों के साथ ही डेंगू तेजी से पांव पसार रहा है। हालत यह है कि अस्पताल के डेंगू वार्ड भरे पड़े हैं। वहीं, ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स के लिए उमड़ रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान चलाकर डेंगू का लार्वा मिलने पर कार्रवाई की जा रही है, बावजूद कई ऐसे इलाके हैं, जहां जलभराव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।
पिछले साल डेंगू के केवल 4 मरीज मिले थे जबकि इस साल 55 से अधिक लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा 120 से अधिक लोगों की रिपोर्ट रैपिड जांच में पॉजिटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मंडलीय अस्पताल, शास्त्री अस्पताल रामनगर में अलग डेंगू वार्ड भी बनाया गया है। इसमें मंडलीय अस्पताल के दस बेड वाले डेंगू वार्ड के मरीजों से भरने के बाद अब दूसरे वार्ड में मरीज भर्ती हो रहे हैं। शास्त्री अस्पताल के छह बेड वाले वार्ड में भी पांच मरीज भर्ती हैं। नगर निगम की ओर से साफ-सफाई अभियान चलाकर कार्रवाई का दावा तो किया जाता है लेकिन कैंट रेलवे स्टेशन के पास की कॉलोनी के साथ ही बजरडीहा, छित्तूपुर में गंदगी के साथ ही नालियां जाम हैं।
ब्लड बैंक पर प्लेटलेट्स की मांग बढ़ी
डेंगू के मरीज बढ़ने से आईएमए और बीएचयू ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स की मांग बढ़ गई है। आईएमए सचिव डॉ. आरएन सिंह के अनुसार पिछले महीने 20 से 25 यूनिट प्लेटलेट्स की मांग थी जबकि इस समय हर दिन 80 से 100 यूनिट तक दिया जा रहा है। इसके अलावा सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) भी 7 से 8 की जगह बढ़कर 20 से 25 तक पहुंच गया है। उधर, बीएचयू ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि पहले 20 से 30 की तुलना में इस समय प्लेटलेट्स लेने वालों की संख्या 70 से 100 तक हो गई है।
डेंजर जोन वाले इलाकों पर विशेष नजर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर के कुछ इलाकों को डेंजर जोन में रखा गया है। लंका, भिखारीपुर, सामनेघाट, कमच्छा, भगवानपुर, बालाजीनगर कॉलोनी, मारुति नगर कॉलोनी, बजरडीहा, जोलहा, जक्खा, बिरदोपुर, लल्लापुरा, छित्तूपुर के साथ ही वरुणा पार में भी नदी से सटे इलाके शामिल हैं। इन इलाकों में अधिक मरीज मिल रहे हैं। जिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय ने बताया कि विशेष अभियान चलाकर जल निकासी के साथ ही साफ-सफाई कराई जा रही है।