ये है दूसरा मामला
वहीं, वाराणसी के बहुचर्चित ज्ञानवापी परिसर में बीते साल अधिवक्ता आयुक्त के सर्वे के दौरान मिली शिवलिंग जैसी आकृति को आदि विश्वेश्वर बताते हुए उनकी पूजा-पाठ और राग-भोग से संबंधित वाद को ट्रांसफर करने संबंधित मामले पर सुनवाई होनी थी। जिस पर अदालत ने 30 सितंबर की तिथि नियत कर दी है। बता दें कि ये वाद शैलेंद्र सिंह योगीराज की तरफ से दाखिल किया गया है।