मच्छोदरी पार्क के भीतर बने तालाब में मछलियों को मरे 24 घंटे चुके हैं, लेकिन अब तक इन्हें निकाला नहीं जा सका है। गया है। इसके चलते क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है। लोगों का सांस लेना भी दुभर हो गया है। स्मार्ट सिटी से तालाब का सुंदरीकरण कराया गया है। तालाब में चारों तरफ गंदगी, जलकुंभी और कूड़े का अंबार है।
लोगों ने बताया कि वर्षों से तालाब का पानी नहीं बदला गया है और दवा का छिड़काव भी नहीं हुआ है। ऑक्सीजन की कमी के कारण मछलियां मर गईं। लोग सुबह और शाम को पार्क में टहलने जाते हैं, लेकिन मरी हुई मछलियों से उठ रही दुर्गंध के कारण कोई पार्क में नहीं जा रहा है। पार्क के अंदर तालाब के पास एनडीआरएफ का कैंप भी है। तेज बदबू के कारण जवानों को भी परेशानी हो रही है। नगर निगम के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अजय प्रताप सिंह ने बताया कि मछलियां को निकालकर दफन कराया जा रहा है। पानी में दवा भी डाली गई है। एक साथ सभी मछलियों को नहीं निकाला जाता है कुछ मछलियों जीवित हैं। इस नाते केवल मरी मछलियों को निकाला जा रहा है।