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Cyber Crime: मुनाफे के लालच में गवां दी बेटी की शादी के लिए रखी रकम, जालसाजों ने 42 लाख रुपये की लगा दी चपत

Wed, 03 Dec 2025 02:58 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: शेयर ट्रेडिंग में डेढ़ करोड़ के मुनाफे का झांसा देकर 42 लाख की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। साइबर जालसाजों ने तीन अलग-अलग एप से ट्रेडिंग के बहाने पीड़ित को झांसे में लिया।
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cyber crime cyber fraud - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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शेयर ट्रेडिंग में डेढ़ करोड़ मुनाफे का झांसा देकर साइबर जालसाजों ने ऋषि अहूजा के 42.60 लाख रुपये ठग लिए। तीन अलग-अलग एप से जालसाजों ने ट्रेडिंग के बहाने झांसे में लिया। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में साइबर धोखाधड़ी समेत अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज कराई है। साइबर विशेषज्ञों की टीम बैकिंग लेनदेन और एप से जांच कर रही है। 

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विद्यापीठ रोड के राजा नगर निवासी ऋषि आहूजा ने साइबर क्राइम पुलिस को बताया कि फरवरी 2025 में मोबाइल पर आकाश सिसोदिया नामक व्यक्ति ने खुद को प्योर प्रॉफिट कंपनी जयपुर का कर्मचारी बताया। शेयर ट्रेडिंग के फर्जी लाभ के स्क्रीनशॉट भेजे। धीरे- धीरे उसकी बातों में आ गया। 

बाद में समीर उपाध्याय नामक व्यक्ति ने खुद को कंपनी का वरिष्ठ कर्मचारी बताया और इस प्रक्रिया में शामिल कराया। आकाश ने पहले मुएंजल वन ट्रेडिंग ऐप में एक लाख जमा करवाए। कैपिटल मंक नाम का एक ऐप दिया, जिसमें नकली ट्रेड और फंड्स दिखाए जा रहे थे। ईमेल पर फर्जी ट्रेड रिपोर्ट भी भेजी। फिर कहा कि प्रॉफिट का 30 प्रतिशत जमा करना होगा, जो लगभग 35 लाख था। यह भुगतान सचिन नामदेव नाम के एक पर्सनल सेविंग अकाउंट में करवाया गया।
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उन्होंने 1.8 करोड़ का फर्जी मुनाफा दिखाया था। सीडीएसएल ने फंड को ब्लॉक कर दिया और इनकम टैक्स ने क्लियरेंस नहीं दिया है। बेटे ईशान आहूजा और रिश्तेदार विकास अरोड़ा जयपुर में कंपनी के बताए गए पते पर जांच करने पहुंचे, लेकिन वहां कोई भी कार्यालय नहीं था। तब समझ में आया कि यह कंपनी और उसका पूरा सेटअप फर्जी है। 

ऋषि ने पुलिस को बताया कि बेटी की शादी के लिए रकम इकट्ठा कर रखी थी। साइबर क्राइम इंस्पेक्टर गोपालजी कुशवाहा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की जा रही है।

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