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वाराणसी: दोहरे हत्याकांड और रंगदारी के मामलों में कोर्ट में पेश हुए घोसी सांसद अतुल राय

Wed, 13 Nov 2019 02:22 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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कोर्ट में पेश हुए घोसी सांसद अतुल राय। - फोटो : अमर उजाला
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घोषी के निर्वाचित बसपा सांसद अतुल रॉय को जिला जेल से लाकर कड़ी सुरक्षा के बीच वाराणसी के कैंट थाने के दोहरे हत्याकांड और मंडुआडीह थाने के गैंगस्टर के मामलों में अलग-अलग अदालत में पेश किया गया। दुराचार मामले में आरोपी अतुल राय अधिवक्ता अनुज यादव और समर्थकों के साथ कोर्ट में पेश हुए।
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अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय राजेश्वर शुक्ला की अदालत में कैंट थाने के दोहरे हत्याकांड में पेश किया गया। इस मामले में पांडेयपुर के भक्तिनगर में वर्ष 2013 में दो की हत्या कर सड़क की खुदाई कर जमीन में दफना दिया गया था, बाद में जेसीबी से खुदाई कर घटना के कई महीनों बाद दोनों शव बरामद किया गया था। इस मामले में वादिनी से जिरह होनी थी लेकिन वादिनी के नहीं आने का कारण अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 4 दिसंबर तय कर दी।

वहीं मडुआडीह के गैंगेस्टर मामले में गोदरेज कंपनी के मैनेजर से रंगदारी मांगने के मामले में विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर अविनाश नारायण पांडेय की अदालत में पेश किया गया। मामले में विवेचक का बयान होना था, उनके नहीं आने पर अदालत ने सुनवाई के बाद इस मामले में भी 4 दिसंबर की तिथि सुनवाई के लिए नियत कर दी।
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अतुल राय पर आरोप है कि गोदरेज कंपनी के एक कर्मचारी को कुछ लोगों ने बंधक बनाकर कंपनी से रंगदारी की मांग की थी। इस मामले में गोदरेज कंपनी के वाइस प्रेसीडेंट एचएन खुंबाटा ने 10 जनवरी 2009 को मंडुआडीह थाने में सुरजीत सिंह नाम के एक शख्स के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

विवेचना के बाद पुलिस ने इस मामले में सुरजीत सिंह के साथ ही अतुल राय, तपेश नारायण सिंह, अनिल कुमार सोनी, राजन सिंह और मोनू सिंह का नाम प्रकाश में आने पर सभी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था
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उधर आरोपी के अधिवक्ता अनुज यादव ने अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत में आवेदन देकर आरोपी अतुल को रक्तचाप और भारी रक्तस्राव से गंभीर पीड़ित होने के चलते दयनीय स्थिति को देखते हुए जिला कारागार अधीक्षक को इलाज कराने के लिए आदेशित करने का अनुरोध किया। इस पर अदालत ने 15 नवंबर को कारागार अधीक्षक से रिपोर्ट तलब की है।
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