लंका के विश्वकर्मा नगर निवासी ठेकेदार राजेश सिंह की हत्या मामले में पुलिस ने रविवार की सुबह मोहनसराय से राजेश के बेटी, बेटी के प्रेमी यशवर्धन और चालक धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में पता चला कि राजेश की पत्नी अपर्णा को जब बेटी के प्रेम प्रपंच के बारे में पता चला तो वह उसे ब्लैकमेल करने लगी। राजेश को मारने में बेटी और उसके प्रेमी की मदद ली।
उधर, पुलिस अफसरों ने बताया कि गिरफ्तार नाबालिग बेटी को मिर्जापुर पुनर्वास केंद्र भेजा जाएगा।
मूल रूप से चंदौली के शेरूखां निवासी राजेश सिंह की 17 दिसंबर की रात हत्या की दी गई थी। पत्नी अपर्णा ने अपनी बेटी और उसके प्रेमी यशवर्धन के साथ मिलकर हत्या कर दी थी।
पहले तो राजेश को नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश किया गया और बाद में मफलर से गला कस कर मार दिया गया।
बाद में चालक जंसा के हरसोस निवासी धर्मेद्र पटेल की मदद से शव को स्कार्पियो में रखकर रोहनिया के बच्छांव में फेंक दिया गया। जांच के दौरान पुलिस ने अपर्णा को चार दिन पूर्व ही गिरफ्तार कर लिया था।
अपर्णा ने बताया था कि घटना में बेटी, यशवर्धन और धर्मेंद्र शामिल थे। एसओ रोहनिया शिवानंद मिश्रा ने बताया कि रविवार की सुबह सूचना मिली कि तीनों आरोपी कहीं भागने वाले हैं।
सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों को मोहनसराय से गिरफ्तार कर लिया।