स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
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भगदड़ देख चौक से गोदौलिया की ओर बढ़ रही अन्याय प्रतिकार यात्रा में शामिल लोग भी भागने लगे। उन्हें लगा कि पुलिस ने यात्रा रोकी है और लाठीचार्ज कर दिया गया है। इसी बीच मौका पाकर उपद्रवियों ने पहले पुलिस बूथ फिर एक सरकारी जीप में आग लगा दी। बूथ में लगी आग इतनी भयावह थी कि उसकी लपटों ने ठीक पीछे तांगा स्टैंड को भी अपनी चपेट में ले लिया।
एक मजिस्ट्रेट की जीप, फायर ब्रिगेड की गाड़ी व पुलिस की वैन, लगभग दो दर्जन बाइक आग के हवाले कर दी गई। इस दौरान गोदौलिया तांगा स्टैंड पर कहीं से दो पेट्रोल बम भी फेंके गए। इससे आग और तेजी से फैली। वहीं पथराव में तत्कालीन एडीएम एमपी सिंह, सिगरा थानाध्यक्ष, पीएसी का एक जवान और एक चैनल का फोटोग्राफर बुरी तरह घायल हो गया।
उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने पहले लाठियां पटकीं, फिर आंसू गैस और रबड़ बुलेट का इस्तेमाल किया। हवाई फायरिंग भी हुई। पुलिस ने उपद्रव प्रभावित इलाकों को जाने वाले रास्तों को सील कर दिया। हालात काबू में नहीं आता देख कोतवाली, चौक, दशाश्वमेध, लक्सा और चेतगंज थाना क्षेत्रों में दो से ढाई घंटे का कर्फ्यू लगाया गया था।
इसी मामले में दशाश्वमेध थाने में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, सतुआ बाबा, महंत बालक दास, पूर्व विधायक अजय राय, पंकज सिंह उर्फ डब्ल्यू राय, अरुण पाठक, अजय चौबे, अमरनाथ यादव उर्फ डब्बल, असित दास समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
मामले में पूर्व विधायक अजय राय कोर्ट में हाजिर हो गए हैं, जबकि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद समेत 25 लोगों के हाजिर न होने पर कोर्ट ने उन्हें फरार घोषित करते हुए उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर संपत्ति कुर्क का आदेश दिया है।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत पर सुनवाई एमपी एमएलए कोर्ट में 28 अक्तूबर को होनी है। जमानत अर्जी पहले से ही कोर्ट में है, ऐसे में गिरफ्तारी वारंट का कोई मतलब नहीं है। - रमेश कुमार उपाध्याय, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अधिवक्ता