विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) की अदालत ने वाराणसी के कैंट थाने के सामूहिक दुष्कर्म के एक मामले में पुलिस की फाइनल रिपोर्ट को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने पीड़िता की प्रोटेस्ट याचिका स्वीकार करते हुए पुन: विवेचना करने का आदेश विवेचक को दिया। दो माह के अंदर अदालत में रिपोर्ट देने को कहा है। मामले में सुनवाई की अगली तिथि चार अक्तूबर तय की है।
पीड़िता की तरफ से अधिवक्ता अलख नारायण राय व अमन राज ने पुलिस की फाइनल रिपोर्ट के खिलाफ प्रोटेस्ट याचिका दाखिल की थी। आरोप लगाया कि आरोपियों की घटनास्थल पर संदेहास्पद उपस्थिति के बीच सीसीटीवी फुटेज में तकनीकी छेड़छाड़ कर अनुचित लाभ पहुंचाया गया। एक माह तक रिकार्ड सुरक्षित रहता है, इसके बावजूद घटना के छह माह बाद फुटेज ली गई।
अदालत में कहा कि पत्रावली से पता चला है कि आरोपी संतोष यादव ने पीड़िता से शादी की थी और उससे तलाक लेना चाहता था, जबकि पीड़िता ने आरोपी से शादी करने से इनकार किया है। यदि पीड़िता ने आरोपी से शादी की भी हो तो क्या किसी को अपनी पत्नी के साथ दुष्कर्म कराने का अधिकार है?
आरोपियों को मुकदमे के दौरान गिरफ्तार नहीं किया गया, जबकि सभी पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप था। इन परिस्थितियों में विवेचना दोषपूर्ण है। कैंट थाना क्षेत्र के इस मामले में सिगरा निवासी संतोष यादव, आशीष जायसवाल, सोनू गुप्ता व तुषार के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया था।
35 करोड़ की ठगी के मामले में जमानत अर्जी खारिज
अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्दश पशुपति नाथ मिश्र की अदालत ने 35 करोड़ की ठगी के मामले में नोएडा निवासी आरोपी सैयद राशिद हाशमी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। एडीजीसी विद्यासागर पांडेय के मुताबिक सिगरा थाने के इस मामले में आरोपी ने केएमजे लैंड डेवलपर्स इंडिया लिमिटेड नामक कंपनी का प्राधिकारी बताते हुए कूटरचित बांड के जरिये 35 करोड़ की धोखाधड़ी की। इसी अदालत ने भेलूपुर थाना क्षेत्र में अवर अभियंता के भाई वैभव दूबे की हत्या कर नकदी और जेवरात लूटने के आरोपी मां चंद्रा बीबी और पुत्र मोहम्मद सादिर की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
हत्यारोपी को छह घंटे पुलिस कस्टडी में देने का आदेश
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने लंका थाना क्षेत्र में फल विक्रेता हत्याकांड में समर्पण कर जेल गए आरोपी हिमांशु रंजन दूबे को हत्या में प्रयुक्त चाकू की बरामदगी के लिए शुक्रवार को सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक छह घंटे के लिए पुलिस कस्टडी में देने का आदेश दिया है। आरोपी अधिवक्ता राजेश गुप्त के जरिये कोर्ट में समर्पण कर जेल चला गया था।
कचहरी परिसर में वाहनों का प्रवेश बंद
कलक्ट्रेट परिसर में बृहस्पतिवार से सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया। इससे पैदल चलने वालों को राहत मिली। बम ब्लास्ट का दंश झेल चुकी कचहरी की सुरक्षा के लिए खतरा बरकरार था। सेंट्रल बार उपाध्यक्ष राजा आनंद ज्योति सिंह ने डीएम को पत्रक दिया था। वाहनों का प्रवेश रुकने पर वकीलों ने हर्ष जताया है।