शहर के बीचोंबीच एक बड़ा व्यवसायिक कांप्लेक्स का निर्माण किया जाएगा। नगर आयुक्त प्रणय सिंह के निर्देश पर जमीन की तलाश शुरू हो गई है। इस भवन से कर वसूला जाएगा। इससे न केवल नगर निगम की आय बढ़ेगी बल्कि रोजगार करने वालों को सुरक्षित स्थान भी मिलेगा। नगर निगम सीमा का विस्तार होने के बाद व्यवसायिक भवन की मांग तेज हो गई है। इसका प्रस्ताव कार्यकारिणी से पास हो चुका है। इसे मूर्त रूप देने का काम शुरू हो गया है।
जमीन का चयन होने के बाद इसके आकार और तल को लेकर स्थिति साफ होगी। नगर निगम की मंशा है कि इस व्यवसायिक भवन में हर सुविधाओं से जुड़े प्रतिष्ठान हो। लोगों को एक ही भवन में हर तरह की जरूरत पूरी हों। पूर्व में नगर निगम की जो संपत्तियां हैं। इनमें अधिकतर में विवाद है। जिससे चलते नगर निगम को मौजूदा बाजार दर से किराया नहीं मिल पा रहा है। नए व्यवसायिक भवन के निर्माण के बाद दुकानदारों से एग्रीमेंट किया जाएगा। जिसके आधार पर उन्हें आवंटित किया जाएगा। भविष्य में कोई कानूनी अड़चनें न आएं इसके लिए विधि विशेषज्ञों से राय ली जाएगी। निर्माण में आने वाले खर्च के लिए वित्तीय प्रबंधन किया जा रहा है।
नगर निगम बांड से जुटाएंगे फंड
नगर निगम बांड के जरिए आने वाले फंड से इस व्यवसायिक भवन का निर्माण कार्य कराया जाएगा। इसके लिए पूरा खाका तैयार किया गया है। नगर निगम इस पर 30 प्रतिशत की धनराशि लगाएगी। इसके अलावा 70 प्रतिशत की धनराशि बांड से जुटाई जाएगी।
व्यवसायिक कांप्लेक्स बनाने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। इसका प्रस्ताव कार्यकारिणी से पास हो चुका है। इसे जल्द ही मूर्त रूप दिया जाएगा।
देवीदयाल वर्मा, अपर नगर आयुक्त