नरौरा और बिजनौर में गंगा के जलस्तर को कर लिया जाएगा समाहित
वाराणसी में विकास कार्यों की समीक्षा के लिए रविवार को दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड की भीषण त्रासदी पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हरिद्वार के बाद नरौरा और बिजनौर बैराज में पूरे जल को समाहित कर लिया जाएगा। नीचे समस्या नहीं आएगी। मगर, प्रदेश के 27 जिलों में सतर्कता बढ़ाई गई है। सभी विभागों को लगाया गया है।
सेवापुरी ब्लाक में किए गए कामों का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने मीडिया से बात की और कहा कि उत्तराखंड में अलकनंदा का जलस्तर सामान्य की ओर बढ़ रहा है। अनुमान है कि जल नीचे आने में समय लगेगा। अलकनंदा गंगा की सहायक नदी है। इसलिए बाढ़ का खतरा गंगा नदी में संभावित है।
सूचना के बाद से ही गृह विभाग और जल शक्ति विभाग पूरी घटना पर नजर बनाए हैं। उत्तराखंड सरकार सक्रिय होकर काम कर रही है। यूपी में गंगा का बहाव सर्वाधिक है। यहां एक हजार किलोमीटर क्षेत्र से गंगा गुजरती है। ऐसे में सभी संसाधनों के साथ अलर्ट जारी है।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में विकास कार्यों की समीक्षा की और परियोजनाओं को समय से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने शाही नाले के अधूरे काम पर नाराजगी जताई और मई तक इसे पूरा करने का निर्देश दिया। देर रात मुख्यमंत्री ने शहर भ्रमण कर कज्जाकपुरा रेलवे ओवरब्रिज, खिड़किया घाट और काशी विश्वनाथ धाम के प्रगति की हकीकत जानी।