चप्पे-चप्पे पर पुलिस :
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के दौरान किसी तरह की बाधा ना उत्पन्न होने पाए, कोई उनके फ्लीट के आगे कूदकर व्यवधान ना डाले या विरोध दर्ज ना करा सके इसके लिए पुलिस काफी सतर्क है। कई राजनीतिक दलों को भी हिरासत में लेकर उन्हें शहर से बाहर के थानों में रखा गया है। जिला अस्पताल में भी चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात हैं।
प्रियंका गांधी का ट्वीट :
प्रियंका गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के सोनभद्र जाने का मैं स्वागत करती हूं। देर से ही सही, पीड़ितों के साथ खड़ा होना सरकार का फर्ज है। अपना फर्ज पहचानना अच्छा है। उभ्भा को लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा है। उम्मीद है कि उभ्भा के पीड़ितों को न्याय मिलेगा और उनकी 5 मांगों को माना जाएगा।
प्रियंका गांधी की सरकार से पांच मांगें :
सोनभद्र के उभ्भा गांव के पीड़ितों के साथ मीडिया से मुखातिब प्रियंका गांधी ने सभी पीड़ितों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की थी। घटना में मरने वाले और घायलों दोनों को इतनी ही राशि देने की मांग की। घटना के बाद जो मुकदमे दर्ज हुए हैं, उनकी सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए, जिससे जल्द निबटारा हो और दोषियों को सजा मिले। इस दौरान उन्होंने कहा कि जमीन का मालिकाना हक आदिवासी किसानों को मिले। उस जमीन पर सालों से आदिवासी खेती करते आ रहे हैं। अब उन्हें इसका मालिकाना हक दिया जाए। पीड़ित पक्ष के भी लोगों के खिलाफ जो मुकदमा दर्ज किया गया है उसे जल्द खत्म किया जाए।
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सपा कार्यालय पर पुलिस तैनात :
सोनभद्र हत्याकांड को लेकर सियासी बवाल भी थम नहीं रहा है। एक ओर प्रियंका गांधी को सोनभद्र जाने पर पुलिस ने हिरासत में लिया था, तो वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ के आने का विरोध कर रहे राबर्ट्सगंज में सपा के पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा समेत कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ये सभी काला झंडा दिखाकर विरोध कर रहे थे। इसके साथ ही सपा कार्यालय पर पुलिस तैनात कर दी गई, जहां कार्यकर्ताओं को वहीं रोक दिया गया है। उन्हें वहां से बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है।
सपा कार्यालय पर तैनात पुलिस और कार्यकर्ता
बता दें कि, सोनभद्र के घोरावल थानाक्षेत्र के मूर्तिया (उभ्भा) गांव में 17 जुलाई को नरसंहार हुआ था। बीते बुधवार की दोपहर में सौ बीघा विवादित जमीन को लेकर गुर्जर और गोड़ बिरादरी में खूनी संघर्ष हो गया। इस दौरान फायरिंग के साथ जमकर लाठी-डंडे और फावड़े भी चले थे। इसमें 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 28 लोग घायल हो गए थे। जिसके बाद जिले में धारा 144 लागू कर दी गई।
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वहीं, 19 जुलाई को वाराणसी के बीएचयू ट्रामा सेंटर पहुंच कर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सोनभद्र हत्याकांड में घायलों का हाल जाना। इसके बाद सोनभद्र के उभ्भा गांव में खूनी संघर्ष में मारे गए आदिवासियों के परिजनों से मुलाकात करने जाने लगीं। इस पर दिन में 11.55 बजे मिर्जापुर की रायनपुर पुलिस चौकी के सामने प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया था।