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गोवंश आश्रय और मकानों में दरार पर सीएम ने मांगा जवाब

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गोवंश आश्रय स्थल को लेकर डीएम ने कोटवां काशी विद्यापीठ के ग्राम विकास अधिकारी ओंकार और ग्राम प्रधान शबनम बानो को कारण बताओ नोटिस जारी किया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेष सचिव की ओर से एक पत्र डीएम वाराणसी को भेजकर गोवंश आश्रय स्थल के संबंध में जवाब मांगा गया था। इस पर डीएम कौशलराज शर्मा ने गोवंश आश्रय स्थल में पशुओं के निस्तारण में उचित मापदंड का इस्तेमाल नहीं करने की जांच खंड विकास अधिकारी काशी विद्यापीठ से कराई। जांच अधिकारी ने अमर उजाला में 27 दिसंबर को छपी फोटो और खबर के संबंध में ग्राम विकास अधिकारी और प्रधान कोटवां को कारण बताओ नोटिस जारी किया। उन्हें कुछ फोटो भेजे गए। जिसमें पशुओं की हड्डियां खुले में पड़ी हुई थी। उनसे यह भी पूछा गया कि क्या मरे हुए पशुओं के उचित निस्तारण की व्यवस्था नहीं है।
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उधर, जल निगम की लापरवाही पर फूटा गुस्सा विषय पर अमर उजाला में 31 दिसंबर को छपी खबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से लिया। मुख्यमंत्री के विशेष सचिव की ओर से डीएम से जवाब मांगा गया। इस संबंध में डीएम ने जल निगम के परियोजना प्रबंधक एसके रंजन से जवाब मांगा। उन्होंने बताया कि नगवां सीवेज पंपिंग स्टेशन से 50 एमएलडी एसटीपी को जाने वाली राइजिंग मेन में लीकेज हो गया था। जिसकी मरम्मत कराई गई थी। साथ ही किनारे बसे नागरिकों के मकान में आई दरार तथा मिट्टी धंसने के संबंध में बीएचयू के विशेषज्ञों से जांच कराई। जांच में बताया गया कि पाइपलाइन में लीकेज और मकानों में आई दरार का मुख्य कारण बाढ़ का पानी चढ़ने और उतरने के चलते हुआ है। सुरक्षा को ध्यान में रखकर मकानों की सुरक्षा के लिए रिटेनिंग वॉल बनाने की संस्तुति की गई है। इस संबंध में प्राक्कलन तैयार कर स्वीकृति के लिए एनएनसीजी दिल्ली भेजी गई है। स्वीकृति के बाद जल्द ही काम शुरू होगा।
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