अवधेश राय हत्याकांड के मुकदमे में सुनवाई के लिए बीते सोमवार को चश्मदीद साक्षी विजय कुमार पांडेय को बिना जिरह वापस लौटना पड़ा। बचाव पक्ष के अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी ने अदालत में जिरह से पहले प्रयागराज की अदालत में विचाराधीन मुकदमे की मूल पत्रावली के मुआयने और एसएसपीजी अस्पताल से अवधेश राय के मेडिकल लीगो से जुड़े कागजात मंगवाने की मांग की थी।
मामले में 22 जुलाई को सुनवाई होनी है। विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए) सियाराम चौरसिया की अदालत में विचाराधीन मुकदमे में गवाह विजय कुमार पांडेय से बचाव पक्ष की ओर से जिरह की जानी थी।
इसके पूर्व ही बचाव पक्ष के अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर चश्मदीद साक्षी से शेष जिरह करने से पूर्व प्रयागराज की अदालत में विचाराधीन सरकार बनाम राकेश न्यायिक व अन्य के मुकदमे में मूल पत्रावली के मुआयने व एसएसपीजी अस्पताल से अवधेश राय के मेडिकल लीगो संबंधित प्रपत्र मंगवाने के बाबत समय देने की मांग की।
इस पर वादी के अधिवक्ता अनुज यादव व विकास सिंह के साथ अभियोजन की ओर से एडीजीसी ज्योति शंकर उपाध्याय ने आपत्ति की। अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए अगली तिथि 22 जुलाई नियत कर दी।
बता दें कि तीन अगस्त 1991 को लहुराबीर स्थित आवास के गेट पर ही अवधेश राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अवधेश राय के भाई अजय राय ने मुख्तार अंसारी, पूर्व विधायक अब्दुल कलाम, भीम सिंह, कमलेश सिंह व राकेश न्यायिक समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।