कैंसर की बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब वाराणसी के लहरतारा स्थित होमी भाभा कैंसर अस्पताल और महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर संस्थान में ट्रांस ओरल वीडियो असिस्टेड सर्जरी(टोवास) की शुरुआत हो गई है। इस विधि से तीन मरीजो की सर्जरी भी की गई है।
इस सर्जरी की खासियत यह है कि ट्यूमर को निकालने के लिए ओपन सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती है। इसके बाद जख्म भरने में भी बेहद कम समय लगता है। होमी भाभा कैंसर अस्पताल के सर्जन डॉक्टर असीम मिश्र ने बताया कि यह एक तरह की दूरबीन विधि सर्जरी है, जिसमें गले के अंदर कैमरा डालकर स्क्रीन पर देखते हुए डॉक्टर सर्जरी करते हैं।
उन्होंने बताया कि जबड़ा काटने की भी जरूरत नहीं होती है। रोबोटिक तरीके से की जाने वाली सर्जरी से मरीजों को बड़ी राहत होती है और अस्पताल में भी लंबे समय तक नही रुकना पड़ता है। इससे गले पर सर्जरी के निशान भी नहीं आते हैं। सर्जिकल ऑंकोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ.दुर्गातोश पांडेय ने कहा कि मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टोवास सर्जरी की शुरुआत की गई है।