बुधवार सुबह पोती सोना उन्हें जगाने गई तो उसने देखा कि उसके बाबा चारपाई पर खून से लथपथ पड़े थे। सोना के शोर मचाने पर ग्रामीण और परिजन भाग कर घटनास्थल पर पहुंचे। आनन फानन सूचना पुलिस को दी गई। इस संबंध में चौबेपुर थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ की गई है। पता चला कि बुजुर्ग के घर में जमीन संबंधी विवाद चल रहा था। हालांकि, जिस नृशंस तरीके से हत्या की गई है, उससे ऐसा लगता है कि वजह कुछ और भी हो सकती है। फिलहाल जांच जारी है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हरी राम का शव जिस चारपाई पर मिला, उससे एक मंगलसूत्र भी बरामद हुआ है। बरामद मंगलसूत्र किसका है, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका। मामले में परिवार के लोगों के साथ ही ग्रामीणों और पुलिस के बीच तरह-तरह की चर्चाएं रहीं। अब पुलिस क्षेत्रीय आभूषण विक्रेताओं की मदद से मामले की पड़ताल में जुटी है। पुलिस पता लगा रही है कि मंगलसूत्र किसका हो सकता है। पुलिस यह भी मान रही है कि हत्यारों ने गुमराह करने के लिए बुजुर्ग के बिस्तर पर मंगलसूत्र फेंक दिया होगा।
पुलिस के अनुसार, हरी राम के दो बेटे थे। बड़े बेटे जयनाथ की चार वर्ष पहले मौत हो चुकी है। छोटा बेटा जीउत दिल्ली में कबाड़ का काम करता है। पिता की हत्या की सूचना पाकर वह घर के लिए रवाना हो गया है। हरी राम छोटे बेटे के परिवार के साथ रहते थे। बताया जाता है कि छोटे बेटे के परिवार के साथ रहने के कारण हरी राम ने बड़े बेटे की पत्नी और बच्चों को जमीन नहीं दी थी। इसे मामले में अक्सर विवाद होता रहता था। वहीं, ग्रामीणों का कहना था कि हरी राम किसी से कोई खास मतलब नहीं रखते थे। खेती करने के साथ ही वह बकरी चराते थे। खाली समय में वह झाड़-फूंक का काम भी करते थे।
हरी राम की हत्या की जांच के लिए घटनास्थल पर डॉग स्क्वॉड पहुंचा। डॉग स्क्वॉड घटनास्थल से उत्तर दिशा की ओर हरी राम के पुराने घर की ओर जाने वाले मार्ग की ओर बढ़ा। हालांकि रास्ते में पड़े चौराहे से वह वापस लौट गया। इसलिए पुलिस को डॉग स्क्वॉड से भी कोई खास मदद नहीं मिल सकी।