चितईपुर के टिकरी निवासी ठेकेदार ने आरोप लगाया कि डेढ़ माह पूर्व जोन वर्क का टेंडर रद्द कराने में भी उक्त अफसर का हाथ है। पहले 5.80 करोड़ और दूसरा 4.65 करोड़ का जोन वर्क के तहत रेलवे क्वार्टरों में दरवाजा और खिड़की लगने का टेंडर जारी हुआ।
हालांकि उक्त अफसर ने अपने चहेते कंचनपुर निवासी ठेकेदार को टेंडर दिलाने का जाल बुना। हालांकि रेलवे के नया नियम 27 अप्रैल को आने के बाद वह ठेकेदार अयोग्य हो गया और टेंडर नहीं डाल सका। इसके बाद उक्त अफसर ने टेंडर को रद्द कर दिया। इसके बाद दोनों टेंडर को टुकड़ों में एक-एक करोड़ का टेंडर जारी किया।
बरेका में टेंडर के खेल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कार्यालयों में वर्षों से जमे बाबूओं को बदला जाएगा। ऐसी चर्चाएं प्रशासनिक कार्यालय के अंदर खाने से आ रही हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भ्रष्टाचार रोकने के लिए महाप्रबंधक सख्त हैं। सभी को उन्होंने चेतावनी दी है कि भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, विभागों में वर्षों से जमे बाबुओं की भी सूची तैयार कराई जा रही है।
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