सरकारी आवास में तोड़ फोड़ किए जाने के खिलाफ भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने चंदौली जिले के अलीनगर थाने में पहुंच कर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
बुधवार को जैनेन्द्र धर दुबे के नेतृत्व में अलीनगर थाने में पहुंच कर दी गई तहरीर के माध्यम से बताया कि 11 मई 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास खाली करने का आदेश दिया था।
इसी आदेश के अनुपालन में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने आवास को खाली किया। दूसरे दिन मीडिया के माध्यम से मामला सामने आया कि आवास खाली करते समय तोड़फोड़ हुई है। यह सरकारी संपत्ति का नुकसान है।
आम लोगों से वसूले गए टैक्स के पैसे से कर्मचारियों का वेतन मिलता है और सरकारी आवास बनवाया जाता है। अखिलेश यादव जिस आवास में रहते थे उसकी कीमत 42 करोड़ रुपये थी। इसमें तोड़फोड़ ही नहीं की गई बल्कि एसी सहित अन्य सामान भी उठा कर ले गए।