यूपी के सोनभद्र जिले में एक मां को बेटी दिलाने के नाम पर 30 हजार रुपए की रिश्वत मांगना बाल संरक्षण अधिकारी को मंहगा पड़ गया। बुधवार को राबर्ट्सगंज कोतवाली में बाल संरक्षण अधिकारी रहे सतेंद्र गुप्ता के खिलाफ रिश्वत मांगने का मुकदमा दर्ज किया गया है।
शिक्षिका ममता देवी ने उस पर उसकी बेटी दिलवाने के लिए 30 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। इसके पूर्व डीएम ने उसकी संविदा समाप्त कर जिला प्रोबेशन अधिकारी को भी उसके खिलाफ केस दर्ज कराने का निर्देश दिया।
बभनी गांव निवासी प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका ममता के मुताबिक 16 जनवरी 2014 को उसने दो जुड़वा बेटियों को जन्म दिया था। एक साथ दो बच्चों को पालने में समस्या हुई तो ममता के मायके वालों ने एक बेटी को अपने पास रख लिया था। हर सप्ताह ममता बेटी से मिलने आती रही।
दो अक्तूबर 2017 को बेटी ममता के साथ जाने की जिद करने लगी तो वह बेटी को अपने साथ लेकर चली गई। दस अक्तूबर को उसका भाई आया और बेटी को जबरदस्ती लेकर चला गया। इसे लेकर विवाद होने पर ममता ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी सत्येंद्र गुप्ता से बेटी को वापस दिलवाने की गुहार लगाई।
वह इसके एवज में ममता से 30 हजार रुपये की मांग करने लगा। ममता ने रिश्वत मांगने की सीडी तैयार कर ली और जिलाधिकारी से इसकी शिकायत की। डीएम ने दो जून को दोनों पक्षों को सुनने व साक्ष्य को देखने के बाद दोषी पाने पर बाल संरक्षण अधिकारी सत्येंद्र कुमार गुप्ता की संविदा समाप्त करते हुए जिला प्रोवेशन अधिकारी को उसके खिलाफ केस दर्ज कराने का निर्देश दिया।
तीन दिन पूर्व ममता ने भी राबर्ट्सगंज कोतवाली में सत्येंद्र गुप्ता के खिलाफ तहरीर दी। क्षेत्राधिकारी विवेकानंद तिवारी ने कहा कि ममता की तहरीर पर बाल संरक्षण अधिकारी रहे सत्येेंद्र गुप्ता के खिलाफ रिश्वत मांगने का केस दर्ज कर लिया गया है।