भाजपा के पांच पार्षदों को आजमगढ़ जेल में निरुद्ध एजाज अंसारी उर्फ सोनू ने फोन कर रंगदारी के लिए धमकाया था। एजाज अंसारी ने बजरंगी गिरोह के राजेश उर्फ फूटे की शागिर्दी में जरायम जगत में कदम रखा था। उसने अपने गुर्गे को भाजपा पार्षदों के पास भेज कर उनसे मोबाइल पर बात की थी।
एजाज ने कहा था कि ‘आजमगढ़ जेल में बंद हूं... अभी हाल में ही प्रभु साहनी की हत्या हुई थी, अखबारों में नाम तो पढ़ा ही होगा... बस आशीर्वाद बनाए रखिएगा बड़ा भाई...।’ मामले में एक पार्षद ने वाराणसी के दशाश्वमेध थाने में अज्ञात के खिलाफ धमकाने का मुकदमा दर्ज करा दिया है लेकिन बाकी पार्षद अभी सामने नहीं आ रहे हैं।
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हालांकि जिन पांच पार्षदों के पास एजाज का गुर्गा गया था, उनके यहां की सीसीटीवी फुटेज पुलिस ने कब्जे में ले ली है। साथ ही, सर्विलांस की मदद से क्राइम ब्रांच ने तफ्तीश शुरू कर दी है।
वाराणसी के दशाश्वमेध, जैतपुरा और भेलूपुर थाना क्षेत्र में रहने वाले भाजपा के चार पार्षद और एक पार्षद पति से 30 मई से दो जून के बीच एक-एक युवक अलग-अलग मिले। उनसे कहा कि भैया बात करना चाहते हैं और पार्षदों से मोबाइल पर बात कराई।
कॉल करने वाले ने खुद को नक्खीघाट निवासी एजाज अंसारी बताया। एजाज हत्या के मामले में जिला जेल में निरुद्ध था। अगस्त 2016 में जिला जेल के बवाल के बाद उसे आजमगढ़ जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। बीते 11 मई को सिंधिया घाट पर नाविकों के नेता और सपा के पूर्व पार्षद प्रत्याशी प्रभु साहनी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
25 मई को पुलिस ने एजाज के छोटे भाई रिजवान अंसारी और अफरोज अहमद को गिरफ्तार किया था। इसी से एक बार फिर एजाज का नाम सुर्खियों में आया। उधर, सुरक्षा के चलते कई पार्षद घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं।
इस बारे में बात करने से भी पार्षद कतरा रहे हैं। इस बारे में एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि क्राइम ब्रांच मामले की तफ्तीश कर रही है। संबंधित पार्षदों की निगरानी में सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मी लगाए गए हैं। जांच में जिस भी आरोपी का नाम सामने आएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।