उन्होंने कहा कि सरकार पूरी प्रतिबद्धता से जनजातीय समाज के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए मंत्री नीलकंठ तिवारी की तारीफ की। कहा कि उनके प्रयास से ही जनजातीय गौरव दिवस मनाने का मौका मिला और मुझे आपसे संवाद करने का मौका मिला।
सीएम ने कहा कि व्यक्ति की महानता उसकी लंबी उम्र से नहीं बल्कि उसकी कार्यों से होती है। कहा कि 1875 में 15 नवंबर को जनजातीय समाज में पैदा हुए बिरसा मुंडा ने मात्र 25 साल की उम्र में ही स्वतंत्रता संग्राम और आदिवासियों के उत्थान के लिए अपना बलिदान दे दिया था।
वाराणसी में बिरसा मुंडा की 146वीं जयंती
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देश की आजादी की संघर्ष गाथा की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने देश को हुए नुकसान को भी उन्होंने याद किया। कहा कि 1918 की महान इन्फ्लूएंजा महामारी ने 100 साल पहले भी दुनिया को प्रभावित किया था। उस समय देश आजाद नहीं था।
बीमारी का संज्ञान लेने वाला कोई नहीं था, लोगों के इलाज या परीक्षण की कोई व्यवस्था नहीं थी, ऐसे में करोड़ों लोग मारे गए थे। वहीं इस बार कोरोना महामारी का देश का प्रबंधन दूसरे देशों के लिए मिसाल बन गया। कोरोना से महामारी से निपटने की व्यवस्था, कोरोड़ों लोगों को मुफ्त टेस्ट, खाद्यान, वैक्सीन की वजह से ये हो पाया।
सीएम योगी ने इस मौके पर विपक्ष पर भी निशाना साधा। कहा कि 2014 के पहले की सरकारों की इतनी फुर्सत नहीं थी कि आप के बारे में सोच सके। मगर 2014 के बाद और खासकर के 2017 के बाद सरकार ने ऐसे कई कार्य किए जिससे जनजातीय समाज का उत्थान और कल्याण हुआ।
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