डीआरआई अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार अजय सिंह पप्पू पूर्वांचल का सबसे बड़ा गांजा तस्कर है। वह वर्ष 2010 में सिविल लाइंस प्रयागराज में गांजे की तस्करी में गिरफ्तार हुआ था। लगभग एक साल जेल में रहने के बाद जमानत पर रिहा होकर बाहर आया और फिर से गांजा की तस्करी में लिप्त हो गया।
तब से लेकर अब तक गांजा तस्करी के कई मामलों में उसका नाम आया था लेकिन अपने रसूख के चलते वह बचता आ रहा था। इस प्रकरण में अभियुक्त के खिलाफ परिवाद पहले ही दाखिल किया जा चुका था और अदालत से गैर जमानती वारंट भी जारी हो चुका था लेकिन पुलिस उसे नहीं खोज पा रही थी। वह उत्तर प्रदेश के बाहर शरण ले रखा था।
डीआरआई अधिकारियों का दावा है कि गांजा तस्करी प्रकरण में कार्रवाई लगातार जारी है। बलिया के रहने वाले तस्कर रामप्रवेश यादव को दिसंबर 2021 में गिरफ्तार किया गया। वहीं एक अन्य मामले में मिर्जापुर के रहने वाले विनोद कुमार पांडेय को भी डीआरआई ने पिछले माह ही दबोचा, जो अक्तूबर 2019 में जब्त किए गए 12 क्विंटल गांजा के मुकदमे में फरार था। वर्ष 2003 में डीआरआई वाराणसी द्वारा जब्त किए गए चार किलो मार्फिन के केस में फरार बिहार निवासी दो आरोपियों अजय कुमार व अनिल कश्यप को फरवरी 2022 में गिरफ्तार किया गया।