वनस्पति विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर के निर्देशन में शोध करने वाली टीम
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खास बात यह है कि अमेरिका के महान फाइकोलॉजिस्ट प्रोफेसर जफरीआर जोहानसन के सम्मान में जींस का नाम जोहानसेनिएला रखा गया है। त्रिपुरेंसिस क्षेत्र से खोजे गए सायनोबैक्टीरियल जींस की पहली रिपोर्ट है, जो भारत में इस तरह के जेनेरा के गिने चुने निष्कर्षों में से एक है।
शोधकर्ताओं का अनुमान है कि इस वैश्विक जैव विविधता हॉटस्पॉट में बड़ी संख्या में सायनोबैक्टीरिया हो सकते हैं, जिनका पता नहीं चल पाया है। ऐसे में यह अध्ययन शोधकर्ताओं को खोज, पहचान और संरक्षण में मदद करने के लिए प्रेरित करेगा।
टीम में ये भी शामिल
शोध करने वाली टीम में अनिकेत सराफ (आरजे कॉलेज, मुंबई), नरेश कुमार (पीएचडी छात्र, बीएचयू) और आरुष सिंह, उत्कर्ष तालुकदार और नीरज कोहर (एमएससी, वनस्पति विज्ञान, बीएचयू) भी शामिल थे। यह अध्ययन वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित शोध पत्रिका माइक्रोबायोलॉजी लेटर्स में प्रकाशित हुई है।
बीएचयू में शोध प्रवेश में आरक्षण के नियमों का सही तरीके से पालन करने के छात्रों की मांग पर बीएचयू प्रशासन ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी का संयोजक कला संकाय के दर्शनशास्त्र विभाग के प्रो. मुकुल राज मेहता को बनाया गया है। इसके अलावा बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान के प्रो. जनार्दन यादव, विधि संकाय से प्रो.विभा त्रिपाठी, सांख्यिकी से डॉ. दिनेश चौधरी को सदस्य बनाया गया है, जबकि असिस्टेंट रजिस्टार एकेडमिक को सदस्य सचिव बनाया गया है। कमेटी को शोध प्रवेश में दाखिले के लिए आरक्षण नीति की गाइडलाइन बनाकर जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा गया है।