लंका थाने से गायब और फिर रामनगर के तालाब में मृत मिले बीएचयू के छात्र के चार वर्ष पुराने मामले में सीबीसीआईडी के दाखिल शपथ पत्र की प्रति याचिकाकर्ता अधिवक्ता सौरभ तिवारी को बुधवार को मिली। शपथ पत्र के मुताबिक, लंका थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष भारत भूषण तिवारी, उप निरीक्षक प्रद्युम्न मणि त्रिपाठी, हेड कांस्टेबल लक्ष्मीकांत मिश्रा और सिपाही ओम प्रकाश सिंह के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य का होना नहीं बताया गया है।
सिपाही शैलेंद्र कुमार सिंह व विजय कुमार यादव और होमगार्ड संतोष कुमार के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई है। अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने कहा कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद के समक्ष सीबीसीआईडी के शपथ पत्र के विरुद्ध आपत्ति दायर कर 22 अप्रैल को वह बहस करेंगे। यह सीधे तौर पर पुलिस द्वारा अपने लोगों को बचाने का प्रयास है।
13 फरवरी 2020 को मध्यप्रदेश के पन्ना जिले का निवासी बीएचयू के बीएससी अंतिम वर्ष का छात्र शिव कुमार त्रिवेदी लंका थाना की पुलिस की अभिरक्षा से संदेहास्पद स्थिति में लापता हो गया था।
सौरभ तिवारी के पत्र का संज्ञान लेकर हाईकोर्ट ने 19 अगस्त 2020 को जनहित याचिका दर्ज की थी। सीबीसीआईडी द्वारा की गई जांच में दो वर्ष बाद यह सामने आया कि छात्र का शव 14 फरवरी 2020 को रामनगर स्थित तालाब में पाया गया था। सुरक्षित किए गए विसरा के डीएनए मिलान से छात्र की मौत की पुष्टि हुई थी।